स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने पर राहुल शर्मा का सवाल, महंगाई पर पुराने बयानों के मुताबिक अब क्या होगा रुख

स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने पर राहुल शर्मा का सवाल, महंगाई पर पुराने बयानों के मुताबिक अब क्या होगा रुख

दुर्ग। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जिला महामंत्री राहुल शर्मा ने स्मृति ईरानी की नई जिम्मेदारी का स्वागत करते हुए कहा है कि अब उनके सामने केवल संगठन को मजबूत करने की चुनौती नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता से जुड़े उन सवालों का भी सामना करने का अवसर है, जिन मुद्दों को भाजपा विपक्ष में रहते हुए प्रमुखता से उठाती रही है। स्मृति ईरानी के साथ सिद्धार्थ शंभू को छत्तीसगढ़ का सह-प्रभारी बनाया गया है।
राहुल शर्मा ने कहा कि 2014 के पहले महंगाई, रसोई गैस और पेट्रोल की कीमतों को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा तत्कालीन केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक सवाल उठाए जाते थे। गैस सिलेंडर को लेकर स्मृति ईरानी के पुराने आंदोलनों का भी राजनीतिक संदर्भों में उल्लेख होता रहा है। बाद के वर्षों में स्वयं स्मृति ईरानी ने जनवरी 2014 में गैस सिलेंडर की कीमत ₹1200 होने और उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए ₹600 की कीमत का उल्लेख किया था।
उन्होंने कहा कि ऐसे में अब जब स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य की भाजपा संगठन प्रभारी बनी हैं, तो प्रदेश की जनता यह जानना चाहेगी कि महंगाई और आम आदमी की रसोई से जुड़े मुद्दों पर उनकी प्राथमिकता क्या होगी।
गैस-पेट्रोल से लेकर शक्कर तक—पुराने सवालों का नया संदर्भ
राहुल शर्मा ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा की राजनीति में रसोई गैस, पेट्रोल और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बड़े मुद्दे रहे हैं। उस दौर में कीमतों में कमी की मांग को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा कई बार आंदोलन किए गए।
उन्होंने कहा, “आज स्मृति ईरानी स्वयं छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी हैं और राज्य में भाजपा की सरकार है। ऐसे में कांग्रेस या भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर यह देखना होगा कि जिन मुद्दों को कभी जनहित का मुद्दा बताया गया था, उन पर अब सरकार और संगठन क्या ठोस पहल करते हैं।”
राहुल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस किसी नेता के पुराने बयान को राजनीतिक हथियार बनाने के बजाय यह चाहती है कि जनता को वास्तव में राहत मिले। यदि प्रदेश भाजपा संगठन महंगाई के मुद्दे पर राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से बात रखता है और राज्य स्तर पर संभव राहत के उपायों की पहल करता है, तो इसका सीधा लाभ आम उपभोक्ता को मिल सकता है।
कोयला खदान और आदिवासी जमीन का सवाल भी अहम
राहुल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनन और आदिवासी अधिकारों से जुड़े सवाल भी लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से अदाणी समूह से जुड़े खनन और आदिवासी जमीन के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि स्मृति ईरानी ने संसद में तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मुखर राजनीतिक रुख अपनाया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि अब जब स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी हैं, तो क्या वे खनन परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी परिवारों की जमीन, पुनर्वास, मुआवजा और अधिकारों से जुड़े मामलों की समीक्षा की आवाज भी संगठन के स्तर पर उठाएंगी?
राहुल शर्मा ने कहा कि खनन परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रत्येक मामले की कानूनी स्थिति, ग्रामसभा की प्रक्रिया, मुआवजा, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के अधिकारों की तथ्यात्मक समीक्षा जरूरी है। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यदि प्रक्रिया नियमानुसार हुई है तो सरकार को उसके तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए।
“संगठन प्रभारी की असली परीक्षा जनता के मुद्दों पर होगी”
कांग्रेस जिला महामंत्री ने कहा कि भाजपा संगठन का जश्न मनाना स्वाभाविक है, लेकिन आम जनता के लिए किसी नए प्रभारी की नियुक्ति का महत्व तभी होगा जब उसके माध्यम से रसोई, रोजगार, ईंधन, कृषि, आदिवासी अधिकार और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर ठोस संवाद और परिणाम सामने आएं।
उन्होंने कहा—
“स्मृति ईरानी जी ने विपक्ष में रहते हुए जिन मुद्दों को जनता की आवाज बताया था, आज उन्हीं मुद्दों पर छत्तीसगढ़ की जनता उनकी ओर उम्मीद से देख सकती है। अब सवाल यह नहीं है कि उन्होंने तब क्या कहा था, बल्कि सवाल यह है कि आज सत्ता के साथ संगठन की भूमिका में रहते हुए वे उन मुद्दों पर क्या पहल करती हैं।”
राहुल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस जारी रखेगी, लेकिन अंतिम कसौटी बयान नहीं, बल्कि जनता को मिलने वाली वास्तविक राहत और प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा होगी।