नियमित कर्मचारियों के अनुभव और योग्यता का हो सम्मान, निज सहायक आयुक्त की जिम्मेदारी को लेकर संघ मुखर
दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदगत गरिमा, वरिष्ठता और प्रशासनिक सम्मान को लेकर नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। संघ के जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने आयुक्त महोदय को पत्र सौंपकर निज सहायक आयुक्त का कार्य निगम में कार्यरत वरिष्ठ, योग्य एवं नियमित अधिकारी/कर्मचारी से लिए जाने की मांग की है। संघ का पत्र 25 अगस्त 2026 को आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है।
*“नियमित कर्मचारियों की योग्यता और अनुभव का हो सम्मान”*
संघ ने अपने पत्र में कहा है कि नगर निगम की विभिन्न शाखाओं में लंबे समय से कार्य करने वाले अनेक अनुभवी एवं योग्य नियमित अधिकारी-कर्मचारी उपलब्ध हैं। ऐसे में उनकी योग्यता, अनुभव एवं वरिष्ठता का उपयोग करते हुए निज सहायक आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण दायित्व की जिम्मेदारी किसी उपयुक्त नियमित कर्मचारी को दी जा सकती है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही के साथ-साथ कार्यालयीन अनुशासन एवं गरिमा भी मजबूत होगी।
*पूर्व की घटना का भी दिया हवाला*
संघ ने अपने पत्र में पूर्व की घटना का उल्लेख करते हुए कहा है कि पूर्व में एक प्लेसमेंट कर्मचारी से निज सहायक आयुक्त का कार्य लिए जाने के दौरान ऐसी स्थिति संघ के संज्ञान में आई थी, जिसमें आयुक्त की ओर से उच्च अधिकारियों को निर्देशित करने अथवा आवश्यक आदेश देने जैसी स्थिति सामने आई थी। संघ के अनुसार ऐसी परिस्थितियां प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं हैं और इससे नियमित अधिकारी-कर्मचारियों की पदगत गरिमा एवं प्रशासनिक सम्मान प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
संघ ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध टिप्पणी करना नहीं, बल्कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकते हुए निगम की प्रशासनिक व्यवस्था को स्पष्ट, मर्यादित और व्यवस्थित बनाए रखना है।
*संघ की छह सूत्रीय मांग*
संघ ने आयुक्त से मांग की है कि—
* निज सहायक आयुक्त का कार्य वरिष्ठ, योग्य एवं नियमित अधिकारी/कर्मचारी से लिया जाए।
* उपयुक्त नियमित कर्मचारी को विधिवत आदेश जारी कर दायित्व सौंपा जाए।
* प्लेसमेंट कर्मचारी को ऐसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व से दूर रखते हुए नियमित कर्मचारी को जिम्मेदारी दी जाए।
* ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकी जाए, जिसमें किसी कर्मचारी द्वारा आयुक्त की ओर से उच्च अधिकारियों अथवा अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित करने जैसी परिस्थिति बने।
निगम के नियमित अधिकारी-कर्मचारियों की पदगत गरिमा, वरिष्ठता एवं प्रशासनिक सम्मान को प्राथमिकता दी जाए।
संघ द्वारा पूर्व में 12 मई 2026 को प्रस्तुत पत्र पर भी आवश्यक कार्रवाई करते हुए वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
*“कर्मचारी की गरिमा से समझौता नहीं” — राजूलाल चंद्राकर*
संघ के जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने कहा कि निगम के नियमित अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनके अनुभव एवं वरिष्ठता का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि “संघ किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। हमारी मांग केवल इतनी है कि प्रशासनिक दायित्व स्पष्ट अधिकारिता और जवाबदेही के साथ निर्धारित हों तथा निगम के नियमित कर्मचारियों की पदगत गरिमा और सम्मान सुरक्षित रहे।”उन्होंने कहा कि संघ को उम्मीद है कि आयुक्त महोदय इस विषय को कर्मचारी हित एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषय के रूप में लेते हुए सकारात्मक निर्णय करेंगे।नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ की इस पहल से निगम के नियमित अधिकारी-कर्मचारियों में यह संदेश गया है कि उनके अधिकार, वरिष्ठता और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर संघ मजबूती से उनकी आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।