नशीले पदार्थों की तस्करी दिखे तो तुरंत करें 1933 पर कॉल:पहचान रहेगी गोपनीय

नशीले पदार्थों की तस्करी दिखे तो तुरंत करें 1933 पर कॉल:पहचान रहेगी गोपनीय

दुर्ग/ जिले में नारकोटिक्स नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने बुधवार 10 जून को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गयी। कलेक्टर  अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले में मादक पदार्थों के रोकथाम, नशा मुक्ति केन्द्रों की व्यवस्थाओं तथा संबंधित विभागों द्वारा की जा रही र्कारवाहियों की समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ट पुलिस अधीक्षक  विजय अग्रवाल शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने अवगत कराया कि खुर्सीपार, कुम्हारी, सिकोलाभाठा एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर नशीली पदार्थों के आदतन तस्करों पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाहियां भी की जा रही है। तस्क्रों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नशे का सेवन कर व्यवधान करने वालों की सूचना देने हेतु विभाग द्वारा टोल फ्री नं. 1933 जारी की गई है। आम जनता उक्त टोल फ्री नं. पर सूचना दे सकते है। विभाग द्वारा सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। एसएसपी ने ड्रग लाइसेंसी कंपनियॉं एवं ई-कामर्स कंपनियों द्वारा ड्रग की सप्लाई पर चिंता जाहिर करते हुए औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को इस पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। औषधि प्रसाधन अधिकारी ने अवगत कराया कि उनकी टीम द्वारा सभी मेडिकल दुकानों की जांच की जा रही है। साथ ही बिक्री किए जा रही मेडिसिन्स की रिकार्ड रखने के निर्देश दिए गए है। वहीं नारकोटिक्स दवाइयों के रिकार्ड में गड़बड़ी मिलने पर मेडिकल दुकानों के खिलाफ कार्यवाही भी की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों से संबंधित स्पोटर््स आफिसरों को खेल मैदान एवं परिसर के आस-पास मादक पदार्थों के बिक्री पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। कलेक्टर  सिंह ने जिले में नारकोटिक्स एवं नशा मुक्ति अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने कहा। बैठक में सीएसपी  आर.के. तिवारी, डिप्टी कलेक्टर  उत्तम ध्रुव एवं समाज कल्याण, उद्योग एवं व्यापार, आबकारी व शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।