CJP का धरना समाप्त, सरकार ने मानी प्रमुख मांगें; प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई

CJP का धरना समाप्त, सरकार ने मानी प्रमुख मांगें; प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई

कॉकरोच जनता पार्टी ने धरना प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया है और प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर से घर लौटने की अपील की है। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संयुक्ति प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं और सीजेपी अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर रही है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री और सीजेपी प्रवक्ताओं ने साफ किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। दिल्ली में या दूसरे राज्यों में भी प्रदर्शन करने वाले लोगों पर भविष्य में भी कोई एक्शन नहीं होगा। सौरव दास ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी यह घोषणा करती है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय समय-सीमा के अंदर पूरा किया जाएगा।

सरकार ने प्रदर्शनकारियों की कौन सी मांगें मानी
1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

2. नीट पेपर लीक के कारण सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
3. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं, जो एफआईआर दर्ज हुई हैं वह भी रद्द होंगी।

चार सप्ताह बाद फिर होगी मुलाकात

दिल्ली के कॉन्सिट्यूएशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ लगभग दो घंटे तक बातचीत की। इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में धरना प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया गया। इसी दौरान बताया गया कि चार सप्ताह बाद सीजेपी के प्रवक्ता दोबारा केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और नीट पेपर समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन बेहतर तरीके से कराने को लेकर चर्चा की थी।

सोनम वांगचुक ने जताई खुशी

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मैं सरकार और धर्मेंद्र प्रधान के उठाए गए कदमों का स्वागत और सम्मान करता हूं, और सभी देशवासियों को बधाई देता हूं। यह आज हमने जो डेमोक्रेसी की जीत देखी है। मैं हमारी सीजेपी टीम को बधाई देता हूं और धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया, साथ ही उन वॉलंटियर्स को भी जिन्होंने उनका साथ दिया, देश भर के स्टूडेंट्स, युवाओं और बुजुर्गों को भी जो डेमोक्रेसी के लिए खड़े हुए। मैं उन सभी का सम्मान करता हूं, और सबसे जरूरी बात, जिस तरह से उन्होंने शांति बनाए रखी, उसका मैं सम्मान करता हूं। मुझे उम्मीद है कि हम यह शांति बनाए रखेंगे और भविष्य में कहीं भी कोई गलत काम नहीं होगा। हमें सुधारों पर काम करने की जरूरत है। कोई देश सिर्फ हार मानने से नहीं बनता। एजुकेशन में सुधार होना चाहिए, और उस पर आगे काम होना चाहिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि जिस उदारता से सरकार ने यह कदम उठाया है, वह सुधार की कोशिशों में भी दिखेगा। सिर्फ एजुकेशन में ही नहीं, बल्कि गवर्नेंस में भी सुधार होगा। मुझे उम्मीद है कि अब से देश चलाने का तरीका बदलेगा। देश प्यार और स्नेह से चलेगा, डर से नहीं और इसे अन्याय के नहीं, सच्चाई के रास्ते पर ले जाया जाएगा।”