दुर्ग पुलिस की अनूठी पहल, हत्या और लूटकांड के खुलासे में सहयोग देने वाले नागरिकों को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

दुर्ग पुलिस की अनूठी पहल, हत्या और लूटकांड के खुलासे में सहयोग देने वाले नागरिकों को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

दुर्ग/दुर्ग-धमधा मार्ग पर हुई अंधी हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का महज 48 घंटे में खुलासा करने वाली दुर्ग पुलिस ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले जागरूक नागरिकों को सम्मानित किया। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) हर्षित मेहर (IPS) ने अपने कार्यालय में जेवरा सिरसा और चिखली क्षेत्र के उन नागरिकों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, जिनके सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुई।पुलिस के अनुसार यह वारदात देर रात करीब 2 बजे हुई थी। घटना के समय मौके पर कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था। ऐसे में सड़क की ओर लगे सीसीटीवी कैमरे ही पुलिस के लिए "मुख्य गवाह" बन गए। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता मिली।सम्मान समारोह के दौरान सीएसपी हर्षित मेहर ने नागरिकों द्वारा समय पर डीवीआर और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की सराहना करते हुए कहा कि जनता और पुलिस के बीच मजबूत सहयोग से ही गंभीर अपराधों का तेजी से खुलासा संभव हो पाता है। उन्होंने भविष्य में किसी भी समस्या या सहायता के लिए अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी नागरिकों के साथ साझा किया।सम्मानित नागरिकों ने भी दुर्ग पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की प्रशंसा की। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास के लोगों, दुकानदारों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी अपने घरों और संस्थानों के बाहर सही दिशा में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि किसी भी अपराध की स्थिति में पुलिस को तत्काल और सटीक साक्ष्य मिल सकें।दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि "सुरक्षा में आपकी सतर्कता ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। अपने घर, दुकान और संस्थान के बाहर सीसीटीवी कैमरे जरूर लगाएं और उनकी दिशा मुख्य सड़क की ओर रखें।" यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि आधुनिक तकनीक और जागरूक नागरिकों का सहयोग अपराध नियंत्रण में पुलिस के लिए सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।