प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) ने बदली दीक्षा सोनी की ज़िंदगी
दुर्ग /नगर पालिक निगम।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव साबित हो रही है। नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्ड क्रमांक 56, आमा पारा, बघेरा निवासी दीक्षा सोनी की जीवन गाथा इस योजना की सफलता की सजीव मिसाल है।साधारण आर्थिक स्थिति वाले परिवार से जुड़ी दीक्षा सोनी का जीवन वर्षों तक संघर्षों से भरा रहा। ज्वेलर्स के कार्य पर निर्भर परिवार की सीमित आय के चलते वे अपने परिवार के साथ किराये के छोटे से मकान में रहने को मजबूर थीं। हर माह किराया चुकाने की चिंता, मकान मालिक की शर्तें और अस्थायी जीवन की मजबूरी ने उनके मन में हमेशा असुरक्षा की भावना बनाए रखी।
त्योहार हों या बरसात का मौसम, एक ही सवाल मन में उठता था कब होगा हमारा भी अपना घर?किराये के मकान में रहते हुए बच्चों का भविष्य, परिवार की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की कल्पना करना भी कठिन लगता था। कई बार हालात इतने मुश्किल हो जाते थे कि अपने घर का सपना अधूरा ही प्रतीत होता था, लेकिन दीक्षा सोनी ने कभी हार नहीं मानी।इसी संघर्षपूर्ण समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) उनके लिए आशा की नई किरण बनकर सामने आई। योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने पूरे विश्वास के साथ आवेदन किया। शासन और नगर पालिक निगम के सहयोग से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और आवास निर्माण हेतु आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।वर्ष 2025-26 में जब उनके स्वयं के पक्के घर का निर्माण पूर्ण हुआ, तो वह क्षण उनके जीवन का सबसे भावुक और अविस्मरणीय पल बन गया। अपने घर की दहलीज पर पहला कदम रखते ही वर्षों की पीड़ा, संघर्ष और असुरक्षा आँसुओं में बदल गई। वह घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है।आज दीक्षा सोनी अपने परिवार के साथ एक सुरक्षित, स्वच्छ और स्थायी आवास में खुशहाल जीवन जी रही हैं। अब न किराये की चिंता है और न भविष्य को लेकर भय। उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और जीवन में नई स्थिरता आई है।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) ने दीक्षा सोनी को केवल एक घर नहीं दिया, बल्कि आत्मसम्मान, नई पहचान और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी है। यह योजना वास्तव में उन लाखों परिवारों के सपनों को साकार कर रही है, जो वर्षों से अपने घर की प्रतीक्षा कर रहे थे।प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 जहाँ सपनों को मिलता है अपना ठिकाना।