जहरीले गैस की चपेट में आए 38 मासूम, लोगों के विरोध के बाद प्रशासन ने लिया तुरंत एक्शन
बलौदाबाजार।: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के श्री सीमेंट प्लांट, खपराडीह के एएफआर से गैस रिसाव की वजह से 38 बच्चों के तबीयत खराब होने और उनके बेहोश होने की वजह से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला. कंपनी प्रबंधन के खिलाफ ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. इसके बाद श्री सीमेंट संयंत्र खपराडीह पर कार्रवाई हुई. कंपनी के एएफआर के फीडिंग सिस्टम और श्रेडर सिस्टम को सील कर दिया गया. एएफआर से जहरीली गैस उत्सर्जित होना पाए जाने पर जिला प्रशासन, पुलिस, पर्यावरण संरक्षण विभाग ने कार्रवाई करते हुए संयंत्र के नार्थ वेस्ट में स्थित एएफआर एरिया को सील किया है.
कंपनी ने किया लिखित समझौता
सीमेंट कंपनी के एएफआर सील किए जाने से कंपनी के उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. इधर, ग्रामीणों के विरोध पर कंपनी ने प्रशासन के समक्ष ग्रामीणों के साथ लिखित समझौता किया. बताया गया कि इससे पहले 10 जनवरी और 18 जनवरी को भी इसी तरीके की घटना हुई थी, जिसे कंपनी प्रबंधन के तरफ से दबा दिया गया था. इस तरीके की बात सामने आने के बाद निश्चित ही कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की मिलीभगत नजर आती है. यहां तक कि यह कार्रवाई भी सिर्फ खानापूर्ति है. सिमगा एसडीएम अंशुल वर्मा ने पूरे मामले में जांच, कंपनी के वैकल्पिक ईंधन और कच्चा माल (एएफआर) के नॉर्थ वेस्ट क्षेत्र को सील करने की कार्रवाई की गई है.
आदेश देने के बाद भी नहीं संभला कंपनी
18 जनवरी को ऐसे ही एक घटना की जानकारी सामने आई, जिसपर मामला दर्ज किया गया और दो दिन में व्यवस्था ठीक करने के लिए कहा गया था. लेकिन, एक बार फिर यह घटना हो गई. सिमगा एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों की कुछ मांगे थी. सहमति बनने पर लिखित समझौता हुआ है.हालांकि, कंपनी प्रबंधन के तरफ से कोई भी जवाब देने सामने नहीं आया. इससे यह मिली भगत और झोलझाल स्पष्ट तौर पर नजर आती है।