भारतीय नाविकों की हत्या के विरोध में फूटा जनाक्रोश, स्वदेशी जागरण मंच ने सौंपा ज्ञापन

भारतीय नाविकों की हत्या के विरोध में फूटा जनाक्रोश, स्वदेशी जागरण मंच ने सौंपा ज्ञापन

दुर्ग। स्वदेशी जागरण मंच के आह्वान पर आज आयोजित आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता एवं आक्रोश व्यक्त किया। रैली में हाल ही में भारतीय नाविकों की निर्मम हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
रैली में उपस्थित  दिनेश पाटिल ,गुरु प्रसाद तिवारी व मोहन बागुले  ने कहा कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भारतीय नागरिकों पर होने वाले हमलों और अत्याचारों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार को विदेशों में रहने और कार्य करने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रभावी एवं कठोर नीति बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आक्रोश रैली में अमेरिका की नीतियों के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की गई तथा भारतीय नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत सरकार से दृढ़ एवं प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की गई।
रैली के पश्चात स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपकर भारतीय नाविकों की हत्या के दोषियों को कठोर दंड दिलाने, विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए सशक्त नीति बनाने की मांग की।
इस अवसर पर शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं सम्मान की रक्षा हेतु ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
रैली में मुख्य रूप से 
 संजय चौबे, बॉबी दास जी , स्वेता कन्नौजिया ,अहिल्या यादव , लक्ष्मण बकतानी,पोषण साहू ,संजय दहरवाल, प्रांचल जी,ललित सेन ,अजय तिवारी , सरोजनी पाणिग्रही,दिव्या भसीन, आशीष निमजे  भोजराज सिन्हा व अनेक गणमान्य उपस्थित थे।