भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों में ग्रीष्म अवकाश या समय परिवर्तन की मांग

भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों में ग्रीष्म अवकाश या समय परिवर्तन की मांग

दुर्ग/ प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और तापमान के 42 डिग्री तक पहुंचने को देखते हुए स्कूलों के संचालन को लेकर चिंता जताई गई है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सचिव अय्यूब खान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर के जरिए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से मांग की गई कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाए या स्कूलों के समय में परिवर्तन किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि स्कूलों का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही किया जाए तथा सुबह 8 बजे के बाद खुले मैदान या बाहर किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
ज्ञापन में बताया गया कि बढ़ती गर्मी का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। कई स्कूलों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बच्चों को अत्यधिक गर्मी के कारण परेशानी हो रही है, खासकर बहुमंजिला भवनों में स्थित स्कूलों में जहां पंखे और कूलर भी पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे हैं। साथ ही, विद्युत कटौती की समस्या भी स्थिति को और गंभीर बना रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द निर्णय लिया जाए और स्कूलों का समय सुबह जल्दी निर्धारित कर दोपहर 12 बजे तक बंद किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से अय्यूब खान (सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़), पुरुषोत्तम सोनवानी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मो. रफीक, जसवंत गायकवाड़, बलविंदर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।