दुर्ग पुलिस ने खोली एक करोड़ की चोरी की पूरी कहानी, 9 गिरफ्तार; मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की तलाश जारी
दुर्ग/वैशाली नगर थाना क्षेत्र में डॉक्टर के सूने मकान से नकदी और सोने-चांदी एवं डायमंड के कीमती आभूषणों की करीब एक करोड़ रुपये की चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चोरी की रकम से खरीदी गई एक्स.यू.वी. कार और सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल सहित करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है।
डॉक्टर के एक सप्ताह तक घर से बाहर रहने का उठाया फायदा
पुलिस के मुताबिक, सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह वापस लौटने पर उन्हें घर की अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी एवं डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। अज्ञात आरोपियों ने सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। शिकायत पर वैशाली नगर थाना में अपराध क्रमांक 389/2026, धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से राहुल बंसोड़ तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर के नेतृत्व में थाना वैशाली नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान राहुल बंसोड़ के घटना के आसपास अपने साथियों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में घूमने और वारदात के बाद फरार होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने उसकी तलाश में गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर और भदोही क्षेत्र में मिली। आरोपी लगातार प्रयागराज और मिर्जापुर के बीच ठिकाने बदल रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव के जरिए आवागमन कर रहा था।
जमीन के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाए थे चोरी के आभूषण
लगातार तलाश के बाद पुलिस ने चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर उसके हिस्से में आई नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए गए।
चोरी के गहने खरीदकर भट्टी में गलाने वाला ज्वेलर्स भी गिरफ्तार
पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उसने अपने हिस्से के सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। पुलिस की पूछताछ में सोनू ने चोरी के आभूषण खरीदने और कुछ गहनों को अपने घर में रखी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने की बात स्वीकार की।
इस मामले में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। उस पर चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, माल खपाने और आरोपियों को सहयोग करने के एवज में लाखों रुपये लेने का आरोप है।
चोरी की रकम से दिल्ली में खरीदी कार, घर की मरम्मत और बाइक पर भी खर्च किए पैसे
जांच में सामने आया कि प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी की रकम से अपने घर में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगाने के साथ करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी थी।
वहीं मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ चोरी के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्स.यू.वी. कार खरीदी और बाद में उसी वाहन से भिलाई लौट आया। पुलिस ने इस कार को भी बरामद कर लिया है।
चोरी का माल लेकर भागने की तैयारी, तड़के 3 बजे पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस को जानकारी मिली कि राहुल बंसोड़ ने चोरी की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण अपने माता-पिता एवं भाई के पास छिपाकर रखे थे। चोरी का माल हासिल करने के लिए वह भिलाई आया था, लेकिन पुलिस की घेराबंदी की भनक लगने पर अपनी एक्स.यू.वी. कार सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया।
इसके बाद उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल लेकर राजनांदगांव-नागपुर रोड की ओर आने को कहा। जांच में आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, इनोवा वाहन मालिक आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका सामने आई।
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की। इसी दौरान तड़के करीब 3 बजे चोरी का माल लेकर जा रहे आरोपियों और उनके सहयोगियों को आगे-पीछे से घेरकर पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से इनोवा वाहन, नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
जांच में राहुल के माता-पिता और भाई की भूमिका चोरी का माल छिपाकर रखने तथा चोरी की रकम घरेलू खर्चों में उपयोग करने के संबंध में सामने आई है। वहीं अन्य सहयोगियों पर मुख्य आरोपी को संरक्षण देने, वाहन उपलब्ध कराने और चोरी का माल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप है।
नौ आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में प्रदीप कुमार चौधरी, सुजीत सिंह, सोनू जायसवाल, रविन्द्र बंसोड़, किरण बंसोड़, आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
करीब एक करोड़ की संपत्ति बरामद
पुलिस ने आरोपियों से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने के कंगन, चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण, चांदी के आभूषण एवं बिस्किट बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदी गई एक्स.यू.वी. कार क्रमांक DL-10-CN-1411, सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, वारदात के बाद चोरी का माल ले जाने में प्रयुक्त इनोवा वाहन क्रमांक CG-11-I-9909, दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, डीवीआर, डेल कंपनी का लैपटॉप, टैबलेट, पेटीएम मशीन, पावर बैंक और सात मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।