शासकीय स्कूलों के बच्चों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, आईआईटी भिलाई के प्रोफेसरों ने परखे 43 नवाचारी मॉडल

शासकीय स्कूलों के बच्चों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, आईआईटी भिलाई के प्रोफेसरों ने परखे 43 नवाचारी मॉडल

भिलाई/जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) दुर्ग में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निर्देशानुसार तथा डाइट प्राचार्य पीसी मरकले के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला मॉडल प्रतियोगिता  टिंकरथॉन 2026' का आयोजन 30 अक्टूबर शुक्रवार को केपीएस नेहरू नगर में किया गया। खास बात यह रही कि शासकीय स्कूलों से आए इन बच्चों के मॉडल और प्रेजेंटेशन को आईआईटी भिलाई के प्रोफेसरों ने मौजूद रह कर परखा और सराहा।  
सुबह उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि बाल संरक्षण आयोग छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा  ने बच्चों के हुनर को सराहते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नई तकनीक के प्रति जिज्ञासा जगाने का बेहतरीन माध्यम बनते हैं। आयोजन में स्वागत भाषण देते हुए डाइट प्राचार्य पीसी मरकले ने कहा कि स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और व्यावहारिक शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए 'टिंकराथॉन 2026' का आयोजन एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि अटल इनोवेशन मिशन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप युवा मस्तिष्कों को पोषित करने के उद्देश्य से इसे तैयार किया गया है।
विशेष अतिथि शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक के. वी. राव ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए ये नवाचारी मॉडल आने वाले समय में देश के तकनीकी विकास को एक नई दिशा देंगे। दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश धीर ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। केपीएस के चेयरपर्सन आनंद त्रिपाठी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने में ऐसे आयोजन सहायक होंगे।

आईआईटी भिलाई के विषय विशेषज्ञों की टीम ने परखी बच्चों की मेधा

आयोजन में निर्णायक के तौर पर आईआईटी भिलाई से डीन डॉ संतोष विश्वास, प्रोफेसर डॉ महबूब आलम प्रोफेसर, डॉ अरुण उपाध्याय और प्रोफेसर डॉ अमित धर ने निष्पक्ष रूप से सभी मॉडलों का अवलोकन कर निर्णय लिया। नोडल अधिकारी सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि "नवाचार- सृजन-प्रेरणा" की थीम पर आधारित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में दुर्ग जिले के 14 अटल टिंकरिंग लैब स्वीकृत विद्यालयों के कुल 43 उत्कृष्ट मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी नवाचारी सोच और वैज्ञानिक प्रतिभा का परिचय दिया। अपने-अपने मॉडल पर इन बच्चों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया और निर्णायकों तथा उपस्थित लोगों को विस्तार से जानकारी दी।  कार्यक्रम के सफल संचालन एवं संयोजन में समन्वयक प्रभारी डॉ नीलम दुबे, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ शिशिर कना भट्टाचार्य, संध्या शर्मा, वंदना सिंह सहायक प्राध्यापक, व्याख्याता सुषमा हिरवानी तथा आभा वर्मा खोसला का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ वंदना सिंह ने किया। 

वैशाली नगर प्रथम, कुम्हारी द्वितीय और सेलूद स्कूल की टीम तृतीय

प्रतियोगिता परिणाम के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर के विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट मॉडल के साथ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता विद्यार्थियों में एंजेल, पायल, कविता साहू, लकी, मिताली देवांगन, सानिया, खुशी साव, हेमा यादव, संजना चौधरी, गीत, सबरीन खातून, इच्छा साहू, नताशा गुप्ता, कशिश देवांगन एवं माही पटेल शामिल रहे तथा इनके मार्गदर्शक समन्वयक संगीता सिंह बघेल, रितु हांडा, भावना शुक्ला एवं अज़रा परवीन रहे। इसी प्रकार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कुम्हारी ने अपनी बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों में अमूल्य कुमार सिंह, नैतिक आमड़े, चंदन धारिया, निर्मला साहू एवं तनिषा पटेल शामिल रहे तथा इनके मार्गदर्शक समन्वयक अजय सिंह रहे। प्रतियोगिता में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय सेलूद के विद्यार्थियों ने अपने नवाचारी मॉडल के बल पर तृतीय स्थान अर्जित किया। विजेता विद्यार्थियों में गौरव साहू, हुलास कुमार साहू, वेदांत साहू, विवान साहू, योगराज देवांगन, ईशान वर्मा एवं दिकेश चंद्राकर शामिल रहे तथा इनकी मार्गदर्शक समन्वयक सपना कुशवाहा एवं रोहिणी सिंह रहीं।