व्यवहारिक कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने,डाइट में संपन्न हुई व्यावसायिक शिक्षा पर कार्यशाला

व्यवहारिक कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने,डाइट में संपन्न हुई व्यावसायिक शिक्षा पर कार्यशाला

दुर्ग। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) दुर्ग में ‘’नई शिक्षा नीति 2020 व्यावसायिक शिक्षा चुनौती एवं संभावनाएं’’ विषय पर 18 एवं 19 नवम्बर को संकुल समन्वयकों की दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला के समापन अवसर पर गजेन्द्र यादव, मंत्री, स्कूल शिक्षा विधि एवं विधायी, ग्रामोद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित हुए। इस दौरान मंत्री यादव ने व्यवहारिक कौशल के प्रति जागरूकता एवं सफलता से सीखने की क्षमता विकसित करने पर भी बल दिया।
उल्लेखनीय है कि संचालक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर के निर्देशानुसार एवं प्राचार्य पी सी मरकले डाइट दुर्ग अछोटी के मार्गदर्शन में यह कार्यशाला रखी गई थी। पहले दिन उद्घाटन सत्र में प्राचार्य पी.सी. मरकले ने कौशल अंतराल में कम करने की बात कहीं। 
विशिष्ट वक्ता आईआईटी भिलाई से डॉ. गगन राज गुप्ता सह प्राध्यापक एवं उनके सहयोगी निकेत ने वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप कौशल के उन्नयन पर जोर दिया। कॉलेज ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी एंड फूड साइंस से डॉ. सारंग पोपली, सहा. प्राध्यापक, कामधेनु वि.वि. ने कृषि और संबंधित क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों पर बात की।
 संकाय सदस्य सत्येन्द्र शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला में दुर्ग संभाग से डाइट खैरागढ़, कवर्धा, बेमेतरा व बी टी आई डोंगरगांव से दो-दो प्रतिभागी एवं बालोद जिला के बालोद, गुंडरदेही, गुरूर, डौंडीलोहारा  और डौंडी  विकासखंड से  कुल 25 संकुल स्त्रोत समन्वयक (सीएसी) एवं दुर्ग, पाटन, धमधा से 15 सीएसी और गत वर्ष हाई व हायर सेकेंडरी विद्यालय के व्याख्याताओं को ट्रेनिंग देने वाले 24 मास्टर ट्रेनर को कार्यशाला में बुलाया गया था। 
इस दौरान डाइट खैरागढ़, बीटीआई डोंगरगांव एवं डाइट दुर्ग के अकादमिक सदस्यों ने शोध आलेखों की प्रस्तुति दी। बीटीआई डोंगरगांव से डी.एल.एड. के विद्यार्थियों ने व्यावसायिक शिक्षा के सर्वेक्षण पर सराहनीय शोध आलेख प्रस्तुत किया। डाइट खैरागढ़ से रचना दत्त एवं डॉ. मकसूद ने व्यावसायिक शिक्षा की चुनौतियों के लिए समाधान सुझाए। 
डाइट दुर्ग से डॉ. भट्टाचार्य ने व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में जोड़ने के विषय में विचार रखा। कार्यशाला के दूसरे दिन विशिष्ट वक्ता सुनील मिश्रा, सेवानिवृत्त शिक्षक, एससीईआरटी ने व्यावसायिक शिक्षा में सामुदायिक सहभागिता' पर व्याख्यान दिया। सेजेस खुर्सीपार की व्याख्याता नादिरा यास्मीन ने डेयरी उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिशिर भट्टाचार्य ने व्यावसायिक शिक्षा नई शिक्षा के संदर्भ में पुर्नचिंतन पर सहज रूप से अपनी प्रस्तुति दी। समापन अवसर पर डाइट की वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक संध्या शर्मा ने अभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. चंदना सिंह ने किया।