“सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निगम एक्शन मोड में—सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों से सुरक्षा होगी सख्त”
दुर्ग/ नगर पालिक निगममाननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुओ-मोटो रिट पिटीशन (सिविल) के तहत दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु आज नगर पालिक निगम दुर्ग में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने और नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि निगम क्षेत्र के अंतर्गत संचालित
समस्त शैक्षणिक संस्थान
सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थान
स्टेडियम/खेल परिसर
बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन
जैसे भीड़भाड़ एवं संवेदनशील स्थलों में फेंसिंग, बाउंड्री वॉल, गेट, सीसीटीवी कैमरा एवं सुरक्षा कर्मियों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आवारा कुत्तों का प्रवेश रोका जा सके।
निगम अधिकारियों ने कहा कि परिसर में स्वच्छता एवं रख-रखाव की मजबूत व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा, ताकि कुत्तों को भोजन या ठहरने का कोई कारण न मिले।
नोडल अधिकारी होंगे जिम्मेदार
प्रत्येक संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो निम्न कार्यों के लिए पूरी तरह उत्तरदायी रहेगा
परिसर में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक
कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई की सतत निगरानी
आवश्यक संरचनात्मक सुधार कार्यों का मॉनिटरिंग
निर्देश हुए हैं कि नियुक्त नोडल अधिकारी का नाम मोबाइल नंबर
निदान हेल्पलाइन 1100
संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, जिससे किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत निगम तक पहुंच सके।
निगम ने भेजे पत्र, कार्रवाई में आएगी तेजी
निर्देशों के पालन हेतु नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर के सभी चिन्हांकित संस्थानों को आधिकारिक पत्र जारी कर कार्यवाही शुरू कर दी है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निगम का यह कदम नागरिकों, विशेषकर बच्चों, मरीजों, खिलाडियों एवं दैनिक यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना और दिक्कतों को रोका जा सके।
नगर निगम अपील
नागरिक स्वच्छता एवं जनहित में सहयोग करें, कुत्तों को सड़क व सार्वजनिक परिसरों में भोजन न कराएं तथा किसी भी समस्या की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 1100 पर दें।