सद्गुरु कबीर स्मृति महोत्सव में आरएनएस संपादक हर्ष शुक्ला का हुआ सम्मान
रायपुर।सद्गुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ संत संगठन के संयोजकत्व में आयोजित सद्गुरु कबीर स्मृति महोत्सव एवं आध्यात्मिक सम्मेलन का भव्य आयोजन राजधानी रायपुर के मेकाहारा सभागार में सम्पन्न हुआ। प्रातः 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक चले इस आयोजन में प्रदेशभर से संत समाज के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
महोत्सव के दौरान सद्गुरु कबीर की अमृतवाणी, संतवाणी एवं भजनों से पूरा सभागार आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत रहा। पद्मश्री भारती बंधु सहित अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कबीर भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित कलाकार डॉ. सुरेश ठाकुर एवं अन्य कलाकारों ने भी भजनों के माध्यम से कबीर के जीवन-दर्शन, सामाजिक समरसता और मानवता के संदेशों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
सम्मेलन के अवसर पर समाज सेवा, संस्कृति और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न समाजों के विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। दुधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास जी के कर-कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय, निष्पक्ष एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के लिए आरएनएस समाचार एजेंसी के संपादक हर्ष शुक्ला को संत समाज द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। हर्ष शुक्ला ने अपने पत्रकारिता कार्यकाल में जनहित के मुद्दों, सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों तथा आध्यात्मिक विषयों को निरंतर प्रमुखता से उठाया है। संत समाज ने उनके द्वारा की जा रही जिम्मेदार और सकारात्मक पत्रकारिता को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
इसी अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एच.डी. महंत को भी उनके दीर्घकालीन पत्रकारिता योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
महोत्सव में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सद्गुरु कबीर की वाणी को श्रद्धापूर्वक सुना और सत्य, प्रेम, समरसता तथा मानवता के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम के पश्चात विश्व भ्रमणशील संत भुवनेश्वर साहेब ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है विवाद छोड़कर संवाद को अपनाने की, क्योंकि समस्याओं का समाधान संवाद से ही संभव है।