लोक संस्कृति के रंग में रंगा दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र, फाग प्रतियोगिता में शामिल हुए विधायक ललित चंद्राकर

लोक संस्कृति के रंग में रंगा दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र, फाग प्रतियोगिता में शामिल हुए विधायक ललित चंद्राकर


दुर्ग /दुर्ग ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम थनौद–भाठापारा  बीरेझर अछोटी, चंगोरी मे आयोजित भव्य फाग गायन एवं झांकी प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास, भक्ति और लोक-संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण के विधायक श्री ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया और समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की।इस अवसर पर आयोजित फाग प्रतियोगिता में अंचल की ख्यातिप्राप्त मंडलियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप, फाग के सुर और झांकियों की जीवंत अभिव्यक्ति ने ग्रामीण संस्कृति की गहरी जड़ों और सामाजिक समरसता का सजीव चित्र प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामवासियों ने देर रात तक इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में विधायक ललित चंद्राकर ने कहा, “फाग केवल गीत-संगीत नहीं, बल्कि हमारी माटी की सुगंध, हमारी परंपरा और हमारे सामूहिक जीवन-मूल्यों का जीवंत दस्तावेज़ है।हमारी सरकार और मैं स्वयं यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि लोक कलाओं को मंच, कलाकारों को सम्मान और युवाओं को अवसर मिले। फाग-झांकी जैसी विधाएँ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं; इन्हें संरक्षण और प्रोत्साहन देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक चंद्राकर ने आगे कहा कि होली आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है, और ऐसे आयोजनों से हमारी लोक संस्कृति जीवंत रहती है। उन्होंने कहा कि फाग गीत हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति की अमूल्य परंपरा है, जो युगों से चली आ रही है। फागुन माह में गांव और शहरों में जगह-जगह फाग गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है, जिसमें ग्रामीण एकजुटता के साथ भाग लेकर आपसी भाईचारे और मेलजोल से रहने का संदेश देते हैं।उन्होंने कहा कि होली जैसा हृदय को आनंदित करने वाला दूसरा कोई पर्व नहीं है। ऐसे आयोजनों में आप सभी के बीच पहुंचना मेरे लिए केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिवार से मिलने जैसा अनुभव होता है। फाग के मधुर गीत, ढोल-नगाड़ों की थाप और रंगों से घुला भाईचारा हमारी लोकसंस्कृति की जीवंत पहचान है। श्री चंद्राकर ने कहा कि अपनों के बीच मिलने वाला प्रेम, विश्वास और सम्मान ही उन्हें निरंतर जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों का स्नेह उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।आयोजनकर्ताओं को गुलाल लगाकर फाग गायकों के उत्साह की सराहना करते हुए उन्होंने सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने फाग गायकों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों की यह कला हमारी असली धरोहर है, जिसे सहेज कर रखना हम सभी का दायित्व है।इस अवसर पर सरपंच  मेनका देशमुख जी, अध्यक्ष  नारायण जी , दिनेश देशमुख  टेक सिंह साहू  सोनू देवांगन  मंटू देशमुख  लक्की साहू  केशव ठाकुर रोहित निर्मलकर  सुकालू यादव  देवेंद्र सिन्हा  निलेश सोनी  कमलेश चक्रधारी  शैलेश सिन्हा  दिनेश सेन अध्यक्ष रोहित दिल्लीवार,सरपंच झरना दिल्लीवार,उपाध्यक्ष ज्ञानचंद देशमुख,ससि देशमुख,संतोष देशमुख,प्रीतम पटेल,लिखु दिल्लीवार,सुनील यादव उद्धघोसक,दिनेश वर्मा,छगन दिल्लीवार पूर्व जनपद सदस्य,सुमन दिल्लीवार अध्यक्ष गुमान देशमुख,उपाध्यक्ष प्रेमनारायण कंवर,लेमन देशमुख,रूपेंद्र देशमुख,फागेश्वर देशमुख,झुम्मन लाल निषाद,ठाकुर राम विश्वकर्मा,हेमंत पारकर,विश्वजीत देशमुख अध्यक्ष  लोकेश देशमुख उपाध्यक्ष  मनोज देशमुख  जितेन्द्र देशमुख  रामस्वरूप विश्वकर्मा  मिथलेश देशमुख  पप्पू देशमुख  मुरारी देशमुख, रतनु लाल देशमुख  लक्ष्मी नारायण ज्ञानदास मानिकपुरी रोमेंन्द्र देशमुख एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।