दुर्ग : फ्रीज राशि लौटाने में लापरवाही, 12 बैंकों को कोर्ट का कारण बताओ नोटिस

दुर्ग : फ्रीज राशि लौटाने में लापरवाही, 12 बैंकों को कोर्ट का कारण बताओ नोटिस

दुर्ग/ साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) दुर्ग ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए 12 बैंकों को कारण बताओ एवं अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने संबंधित बैंकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या आदेश का पालन नहीं करने की स्थिति में कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।यह मामला साइबर ठगी के एक प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें साइबर थाना (ACCU) दुर्ग ने न्यायालय के समक्ष विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिवेदन में बताया गया कि न्यायालय के आदेश के पालन के लिए संबंधित बैंकों को आवेदक की फ्रीज की गई राशि वापस करने संबंधी आवश्यक निर्देश और ई-मेल भेजे गए थे।रिपोर्ट के अनुसार, कुछ बैंकों ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए राशि लौटाने की प्रक्रिया पूरी कर दी, लेकिन 12 बैंकों ने आदेश का पालन नहीं किया। इस पर साइबर थाना ने पूरी जानकारी और संबंधित दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साइबर थाना की रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद प्रथम दृष्टया न्यायालयीन आदेश की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित 12 बैंकों को कारण बताओ एवं अवमानना नोटिस जारी कर दिया। न्यायालय ने सभी बैंकों को निर्धारित समय के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित बैंक संतोषजनक जवाब देने में असफल रहते हैं या न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश को साइबर अपराध से जुड़े मामलों में न्यायालय की सख्त कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी माना जा रहा है कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।