उर्दू के नामचीन शायरों पर होंगे विशेष आयोजन, बुजुर्ग रचनाकारों का होगा सम्मान

उर्दू के नामचीन शायरों पर होंगे विशेष आयोजन, बुजुर्ग रचनाकारों का होगा सम्मान

भिलाई। अंचल में उर्दू की तरक्की के लिए सक्रिय संगठन आईना ए अदब उर्दू हिंदी संगम तंजीम भिलाई दुर्ग की बैठक सुपेला कॉफी हाउस में हुई। जिसमें गत सप्ताह आयोजित 'एक नशिस्त काव्य गोष्ठी-एक शाम मरहूम शायरों के नाम' आयोजन की समीक्षा की गई। वहीं उर्दू भाषा को बढ़ावा देने आगामी आयोजनों की समीक्षा भी की गई। बैठक में सदस्यों के सुझाव के आधार पर तय किया गया कि महाविद्यालयीन स्तर पर उर्दू के नामचीन शायरों पर आयोजन किए जाएंगे। जिसमें इन शायरों की शख्सियत और इनकी शायरी पर युवाओं से बात होगी। वहीं स्थानीय स्तर के मरहूम शायरों को याद करने भी कार्यक्रम किए जाएंगे। सदस्यों ने तय किया कि स्थानीय स्तर पर बहुत से बुजुर्ग शायर उपेक्षित जीवन जी रहे हैं। इन बुजुर्गों ने अपने जीवन का ज्यादातर हिस्सा उर्दू की खिदमत में गुजारा है। ऐसे बुजुर्ग शायरों तक आईना ए अदब पहुंचेगा और इनका सम्मान किया जाएगा। वहीं इनके रचनात्मक कार्यों को युवा पीढ़ी के सामने लाया जाएगा। इस बैठक में हाजी रियाज खान गौहर, शौकत इकबाल, जाविद हसन भाईजान, इस्माइल खान, मोहम्मद अबू तारिक, शमशीर सिवानी, मुहम्मद ज़ाकिर हुसैन और डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी सहित अन्य लोग मौजूद थे।