पीएम विश्वकर्मा योजना से महिलाओं को मिला आत्मनिर्भर बनने का अवसर, विधायक ललित चंद्राकर ने बांटे प्रमाण-पत्र

पीएम विश्वकर्मा योजना से महिलाओं को मिला आत्मनिर्भर बनने का अवसर, विधायक ललित चंद्राकर ने बांटे प्रमाण-पत्र

दुर्ग (तिरगा)/ दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तिरगा में बुधवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आयोजित निःशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली महिलाओं के लिए प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कौशल रखने वाले कारीगरों एवं महिलाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और आर्थिक सशक्तिकरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक हुनर को नई पहचान देने के साथ-साथ महिलाओं और कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य कर रही है। इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं अपने कौशल का उपयोग कर स्वयं का रोजगार शुरू कर सकती हैं और परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विधायक चंद्राकर ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को हर माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का प्रयास कर रही है, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला को अपने पैरों पर खड़ा करना, सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं से अपील की कि वे सीखे गए कौशल का उपयोग स्वरोजगार स्थापित करने में करें तथा अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सरपंच घसिया राम देशमुख, झोला सरपंच बसंती निषाद, उपसरपंच सुखीतराम धीवर, पंच दिलीप देशमुख, बिरेन्द्र निषाद, रामसाय, बिसौहा संस्था प्रमुख योगिता साहू, रश्मि चंद्राकर, शिव देशमुख सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।