सेल्फ ड्राइव कार का हुआ एक्सीडेंट, मांगा 2 लाख का हर्जाना; युवकों को जबरन ले जाकर पीटा, दो आरोपी गिरफ्तार

सेल्फ ड्राइव कार का हुआ एक्सीडेंट, मांगा 2 लाख का हर्जाना; युवकों को जबरन ले जाकर पीटा, दो आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। सेल्फ ड्राइव पर किराये से ली गई लग्जरी कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दो लाख रुपये हर्जाने की मांग को लेकर युवकों को जबरन वाहन में बैठाकर ले जाने और उनके साथ मारपीट करने के मामले में पदमनाभपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डिजायर, ओडी, स्कोडा रेपिड और एक्सयूवी-500 समेत चार लग्जरी वाहन जब्त किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, कर्मचारी नगर, दुर्ग स्थित सेल्फ ड्राइव टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक द्वारा कार एवं अन्य लग्जरी चारपहिया वाहन सेल्फ ड्राइव के लिए किराये पर दिए जाते हैं। करीब एक माह पूर्व प्रार्थिया के वयस्क पुत्र और उसके साथियों ने एक कार सेल्फ ड्राइव के लिए किराये पर ली थी, जिसके दौरान स्कोडा रेपिड वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद 6 अगस्त को आरोपी ऋषि बघेल उर्फ राज अपने साथी प्रियांशु मंडल के साथ एक्सयूवी-500 वाहन में बोरसी सोसायटी चौक, महावीर ग्राउंड के पास पहुंचा और संबंधित युवकों को जबरन वाहन में बैठाकर ले गया। आरोप है कि युवकों को अंगोरा स्थित एक मार्ट के सामने ले जाकर स्कोडा रेपिड की मरम्मत के हर्जाने के रूप में दो लाख रुपये की मांग की गई और उनके साथ मारपीट भी की गई।
घटना की शिकायत मिलने के बाद 7 अगस्त को पदमनाभपुर थाने में अपराध क्रमांक 460/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने धारा 137(2), 115(2), 110, 125, 3(5) बीएनएस तथा धारा 5/181, 180, 192(2) मोटरयान अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और 11 अगस्त को ऋषि बघेल उर्फ राज, उम्र 24 वर्ष, निवासी कर्मचारी नगर, दुर्ग तथा प्रियांशु मंडल, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम फुलझर, थाना सोमनी, जिला राजनांदगांव को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों से चार वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें डिजायर क्रमांक CG 10 AX 3249, ओडी क्रमांक CG 04 DQ 1000, स्कोडा रेपिड क्रमांक CG 13 U 2251 और एक्सयूवी-500 क्रमांक CG 12 C 3930 शामिल हैं। जब्त वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह सामने आया कि सेल्फ ड्राइव के लिए किराये पर दिए गए वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद नुकसान की भरपाई के नाम पर युवकों को जबरन दूसरे स्थान पर ले जाया गया और उन पर दो लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन किराये पर देते अथवा लेते समय आवश्यक दस्तावेज और वैधानिक शर्तों का पालन करें। वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने या किसी प्रकार के आर्थिक विवाद की स्थिति में स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस अथवा अन्य वैधानिक माध्यम का सहारा लें। किसी व्यक्ति को जबरन ले जाना, उसके साथ मारपीट करना या दबाव बनाकर रुपये की मांग करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।