लिखित आदेश नहीं मिला तो नगर निगम चुनाव में अलग राजनीतिक विकल्प उतारने का ऐलान: सेवा निवृत्त कार्मिक कल्याण संघ
भिलाई/सेवा निवृत्त कार्मिक कल्याण संघ की साप्ताहिक बैठक शनिवार को सेक्टर सिविक सेंटर स्थित मॉन्यूमेंट में आयोजित हुई। बैठक का प्रमुख विषय आगामी नगर निगम चुनाव तथा भिलाई टाउनशिप के रिटेंशन, लाइसेंस, लीज, किराया एवं मकान संबंधी मामलों को लेकर पिछले करीब 12 महीनों से चल रहा आंदोलन रहा।बैठक में सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से आंदोलन और विभिन्न स्तरों पर जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बावजूद अब तक उन्हें कोई ठोस लिखित आदेश या लिखित आश्वासन प्राप्त नहीं हुआ है। सदस्यों के अनुसार, पूर्व में जनप्रतिनिधियों द्वारा यह कहा गया था कि अब नोटिस नहीं दिए जाएंगे, लेकिन इसके बावजूद नोटिस जारी होने का सिलसिला जारी है।संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि अब कुछ मकानों के दरवाजों पर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं, जिनमें 15 दिनों के भीतर मकान खाली करने के निर्देश दिए जा रहे हैं तथा अनुपालन नहीं होने की स्थिति में बलपूर्वक कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। सदस्यों ने इन नोटिसों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और मांग की कि जब तक पूरे मामले का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक ऐसी कार्रवाई रोकी जाए।बैठक में यह भी कहा गया कि पिछले 15 से 25 वर्षों से विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा लीज अथवा लाइसेंस दिलाने के आश्वासन दिए जाते रहे हैं। संघ के सदस्यों का कहना है कि इन आश्वासनों के चलते अनेक परिवार लंबे समय तक समाधान की उम्मीद में रहे, लेकिन अब सेवानिवृत्ति के बाद जमा पूंजी खर्च हो जाने की स्थिति में मकान खाली करने के नोटिस मिलना गंभीर चिंता का विषय है।संघ के अध्यक्ष सुरेश चंद ने बैठक में कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष भिलाई में सेवा करते हुए बिताए हैं। उन्होंने कहा कि संघ की मांग किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के आवासीय अधिकारों और स्थायी समाधान से जुड़ी है।बैठक में सदस्यों ने यह भी निर्णय लिया कि यदि नगर निगम चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले किराये में कमी, मॉनिटाइजेशन पॉलिसी में आवश्यक बदलाव तथा आवास संबंधी समस्याओं पर कोई ठोस लिखित आदेश जारी नहीं होता है, तो संघ चुनावी राजनीति में प्रत्यक्ष भागीदारी पर विचार करेगा। संघ ने महापौर पद के लिए अपना प्रत्याशी उतारने की घोषणा भी की।संघ के सदस्यों ने कहा कि उनका संगठन पिछले लगभग 12 महीनों से लगातार सक्रिय है और बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं उनके परिवार इस मुद्दे से जुड़े हुए हैं। बैठक में सदस्यों ने आगामी नगर निगम चुनाव को अपने आवासीय मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।बैठक के अंत में अध्यक्ष सुरेश चंद ने कहा कि यदि आचार संहिता से पहले लिखित समाधान नहीं मिलता है, तो आंदोलन का स्वरूप आगे और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने सदस्यों से एकजुट रहने तथा अपने आवास संबंधी मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से मजबूती से उठाने का आह्वान किया।