हथखोज इंजीनियरिंग पार्क में सुरक्षित जमीनों के आवंटन पर AAP ने उठाए सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग
दुर्ग/आम आदमी पार्टी जिला दुर्ग ने भिलाई हथखोज इंजीनियरिंग पार्क में पार्क, पार्किंग, ओपन स्पेस एवं सब स्टेशन के लिए सुरक्षित रखी गई जमीनों के सी.एस.आई.डी.सी. द्वारा आवंटन किए जाने के संबंध में जिला कलेक्टर दुर्ग को शिकायत की है। पार्टी ने इस मामले की जांच कर विधि अनुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि क्या वर्तमान सरकार छत्तीसगढ़ में निजी बिल्डर्स के लिए पार्क, ओपन एरिया की जमीनों को आवंटित करने और उन्हें अन्यत्र स्थल पर स्थानांतरित करने का रास्ता खोल रही है? यदि सरकार ही ऐसे कृत्य को अंजाम दे तो फिर प्राइवेट बिल्डर गलत कैसे है? सरकार के इस कृत्य से यदि नगर पालिका निगम भी लाभ कमाने की दृष्टि से पार्क की जमीनों को आवंटित कर पार्कों को अन्यत्र स्थल पर स्थानांतरित कर दे तो क्या होगा? फिर जमीनों को सुरक्षित रखने के कानून का क्या औचित्य रह जाएगा? यदि यह काम सरकार कर सकती है तो फिर प्राइवेट बिल्डर कंपनी क्यों नहीं कर सकती है?
शिकायत में विशेष रूप से सी.एस.आई.डी.सी. मुख्यालय रायपुर के संशोधन पत्र दिनांक 02.12.2024 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा प्रस्तुत अभिन्यास में जिन भी प्लॉट नंबर के साथ ए-बी लिखा है, वह जमीन पार्क आदि के लिए सुरक्षित रखी गई थी। आरोप है कि इन जमीनों को प्लॉट बनाकर उनके नंबर के साथ ए-बी जोड़कर प्लॉट कर दिया गया है, जो विधि विरुद्ध है।
शिकायत के अनुसार भिलाई हथखोज इंजीनियरिंग पार्क में पार्क के लिए सुरक्षित रखी गई जमीन को शिवालिक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज, जो प्लॉट नंबर 17 में संचालित है, उसी कंपनी को प्लॉट नंबर 17-ए तथा 17-बी दिनांक 16.12.2025 को आवंटित कर दी गई। साथ ही गार्डन को पार्किंग की जगह सर्कल-डी में मर्ज कर दिया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि सर्कल-ए में पूर्व में सब स्टेशन की जमीन को प्लॉट नंबर 120-ए बनाकर दर्शाया गया है, लेकिन आवंटन होने की जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं है, हालांकि प्लॉट नंबर दर्शाया गया है।
इसी तरह सर्कल-बी में पूर्व सब स्टेशन की जमीन को कोठारी इंजीनियरिंग वर्क्स को 7-ए प्लॉट बनाकर आवंटित कर दिया गया है।
सर्कल-सी में पूर्व में स्वीकृत अभिन्यास में ओपन गार्डन के लिए जमीन सुरक्षित रखी गई थी। शिकायत में कहा गया है कि उक्त प्लॉट के ऊपर एच.टी. लाइन जा रही है। उक्त भूमि का आवंटन कर दिया गया तथा गार्डन को सर्कल-डी में, जो पार्किंग के लिए जमीन सुरक्षित रखी गई थी, उस क्षेत्रफल को कम कर गार्डन की जमीन दर्शाई गई।
इसके अलावा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सर्कल-ई में पार्किंग की जमीन को काटकर प्लॉट बनाकर विश्वकर्मा स्टील उद्योग को प्लॉट नंबर 63-ए आवंटित कर दिया गया।
शिकायत में पावर सब स्टेशन के लिए सुरक्षित जमीन का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार 20,786 वर्गफीट सुरक्षित जमीन को घटाकर 9,979 वर्गफीट कर बाकी भूमि को प्लॉट के रूप में अलॉट कर दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि औद्योगिक प्लॉट एरिया में 88 प्रतिशत की वृद्धि तथा पावर सब स्टेशन में 89 प्रतिशत की कमी की गई। इसे लेकर सवाल उठाया गया है कि यह कार्य कितना विधिसम्मत है।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह प्रक्रिया काफी वर्षों से चल रही है। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा विधि अनुसार अलग-अलग उपयोग के लिए जमीनों को सुरक्षित रखा गया था, लेकिन सरकार ने जमीनों को लाभ कमाने की दृष्टि से अभिन्यास में संशोधन कर जमीनें आवंटित कर दीं। पार्क, सब स्टेशन, ओपन स्पेस और पार्किंग के लिए सुरक्षित रखी गई जमीनों को काटकर जमीनों का आवंटन कर दिया गया।
शिकायत में सवाल उठाया गया है कि क्या यह माना जाए कि सरकार प्राइवेट बिल्डर्स को लाभ पहुंचाने के लिए रास्ता खोल रही है, ताकि भविष्य में यह प्रक्रिया आम हो जाए और प्राइवेट बिल्डर भी ऐसा संशोधन कर सकें। शिकायत में कहा गया है कि प्राइवेट बिल्डर भी उक्त प्रस्तावित स्थल के पार्क, ओपन स्पेस, पार्किंग और खेल मैदान की जमीन को किसी अन्य स्थल पर स्थानांतरित कर उक्त जमीन को बेच सकें, तो फिर जनहित में पब्लिक के लिए विभिन्न उद्देश्यों को लेकर जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए बने कानून का महत्व क्या रह जाएगा? जब सरकार ही सुरक्षित रखी गई जमीनों के प्रयोजन में हेरफेर कर सकती है तो फिर प्राइवेट बिल्डर क्यों नहीं?
आम आदमी पार्टी ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर विधि अनुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।