अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, 78 साल की उम्र में हैदराबाद में ली अंतिम सांस

अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, 78 साल की उम्र में हैदराबाद में ली अंतिम सांस

दुर्ग/अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का शुक्रवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। 78 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र सहित दुर्ग-भिलाई और पूरे छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। भाजपा संगठन ने एक अनुभवी नेता को खो दिया है। उनके निधन को अहिवारा क्षेत्र के लिए बड़ी राजनीतिक क्षति माना जा रहा है।डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार थे। उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं। वे पेशे से शिक्षक और व्याख्याता रहे। वर्ष 1972 में सहायक शिक्षक के रूप में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए व्याख्याता के पद तक पहुंचे। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। राजनीति में आने के बाद भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रियता बनाए रखी। वर्ष 1999 में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद ताराचंद साहू के निजी सहायक के रूप में भी उन्होंने कार्य किया। इस दौरान उन्हें राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर मिला। धीरे-धीरे वे भाजपा संगठन में सक्रिय होते गए और अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान बनाई।डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने वर्ष 2008 में पहली बार भाजपा के टिकट पर अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे। इस चुनाव में उन्होंने 57,796 मत प्राप्त किए थे। विधायक बनने के बाद उन्होंने क्षेत्र की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि वर्ष 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया, लेकिन इसके बावजूद वे पार्टी संगठन और क्षेत्र की जनता के बीच सक्रिय रहे। उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों से दूरी नहीं बनाई और लगातार संगठनात्मक कार्यों में अपनी भागीदारी निभाते रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए अहिवारा विधानसभा से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों के अंतर से पराजित कर दूसरी बार विधानसभा में प्रवेश किया। इस जीत के साथ ही उन्होंने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ और सक्रियता का परिचय दिया।विधायक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को संगठन और शासन स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। नवंबर 2025 में उन्हें छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके साथ ही वे विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने शिक्षक के रूप में लंबा समय बिताने के बाद राजनीति में अपनी जगह बनाई और दो बार विधानसभा तक पहुंचे।डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जीवन सफर शिक्षा और सार्वजनिक सेवा से जुड़ा रहा। शिक्षक के रूप में उन्होंने कई वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षा दी। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। संगठन के साथ लंबे समय तक जुड़े रहकर उन्होंने क्षेत्र में अपनी पहचान कायम रखी। वर्ष 2008 और 2023 में विधायक निर्वाचित होना उनके राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां रहीं। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। दुर्ग-भिलाई सहित प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी उनके निधन को लेकर शोक व्यक्त किया जा रहा है। उनके निधन से अहिवारा क्षेत्र की राजनीति में एक अनुभवी नेतृत्व का अध्याय समाप्त हो गया।