दुर्ग के स्कूल में संदिग्ध दवा सेवन का मामला, पांच छात्रों का इलाज जारी
दुर्ग/ पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के बीमार पड़ने की घटना ने पालकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विद्यालय के पांच छात्रों की तबीयत संदिग्ध गोलियां खाने के बाद बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सभी बच्चों का उपचार जारी है और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। घटना के बाद बड़ी संख्या में पालक स्कूल पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय की 10वीं कक्षा का एक छात्र अपने साथ कुछ गोलियां लेकर स्कूल पहुंचा था। आरोप है कि उसी छात्र द्वारा अन्य बच्चों को भी गोलियां दी गईं। इसके बाद 9वीं और 10वीं कक्षा के पांच छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों में चक्कर आना, शरीर में दर्द, गर्दन अकड़ना और शारीरिक असहजता जैसे लक्षण दिखाई दिए। हालांकि बच्चों ने कौन सी दवा या गोली खाई थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।मामले की जानकारी मिलते ही बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। एक छात्र के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने पहले सर्दी, खांसी और शरीर दर्द की शिकायत की थी। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में पता चला कि स्कूल के अन्य बच्चे भी इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। जब उन्होंने स्कूल पहुंचकर जानकारी ली तो सामने आया कि एक छात्र द्वारा कुछ गोलियां दी गई थीं, जिन्हें खाने के बाद बच्चों की तबीयत खराब हुई।एक अन्य छात्र की मां सारिका रामटेके ने बताया कि उनका बेटा स्कूल से घर लौटने के बाद चक्कर आने और शरीर दर्द की शिकायत कर रहा था। कुछ ही देर में उसकी हालत और बिगड़ गई। उसे तत्काल गंगोत्री अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गर्दन अकड़ने लगी और शरीर में तेज दर्द होने लगा। चिकित्सकों ने बच्चे को आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। महिला का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामान्य आई है, लेकिन बच्चे की तबीयत उस गोली के सेवन के बाद ही बिगड़ी थी जो उसे एक अन्य छात्र ने दी थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में शिक्षकों की कोई लापरवाही सामने नहीं आई है और विद्यालय का स्टाफ बच्चों पर नियमित निगरानी रखता है।एक अन्य पालक केशव सिंह ने बताया कि उनके बेटे की तबीयत भी स्कूल में गोली खाने के बाद खराब हुई थी। उसके शरीर में अकड़न आने लगी, जिसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।विद्यालय की प्राचार्य नलिनी वर्मा ने बताया कि लगभग पांच छात्रों द्वारा प्रतिबंधित अथवा संदिग्ध दवा का सेवन किए जाने की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह दवा विद्यालय के ही 10वीं कक्षा के एक छात्र द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना विद्यालय परिसर के बाहर हुई थी और इसकी जानकारी किसी शिक्षक को नहीं थी। जैसे ही एक छात्र की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली, उसके पालकों को तत्काल बुलाया गया और प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया गया। विद्यालय प्रबंधन ने घटना की जानकारी शिक्षा विभाग और प्रशासन को दे दी है।इधर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन, छात्रों और उनके परिजनों के बयान दर्ज करना प्रारंभ कर दिया है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चों को दी गई गोलियां कौन सी थीं, उन्हें कहां से लाया गया था और उनका उद्देश्य क्या था। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद पालकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले छात्र और उससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल सभी बीमार छात्रों की हालत स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।