हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला, अधीनस्थ कर्मचारी के वेतन से ₹1.49 लाख हड़पने के आरोप में कुलसचिव गिरफ्तार

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला, अधीनस्थ कर्मचारी के वेतन से ₹1.49 लाख हड़पने के आरोप में कुलसचिव गिरफ्तार

भिलाई। दुर्ग जिले के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से 1 लाख 49 हजार 384 रुपये के गबन के आरोप में मोहन नगर थाना पुलिस ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मामला विश्वविद्यालय की अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे की शिकायत के बाद सामने आया। महिला ने 3 अगस्त 2026 को कुलपति को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर विश्वविद्यालय ने जांच समिति गठित की, जिसकी रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितता और अमानत में खयानत की पुष्टि होने के बाद मामला मोहन नगर थाने पहुंचा।

जांच में सामने आया कि पीड़िता विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होने के साथ-साथ तत्कालीन कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप के निवास पर भोजन बनाने का भी काम करती थी। महिला के खाते में हर माह शासन के नियमानुसार 11,515 रुपये वेतन जमा होता था, लेकिन आरोपी उसे केवल 2,200 रुपये अपने पास रखने देता था। शेष राशि आरोपी के दबाव में PhonePe और Paytm के माध्यम से उदय कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस के अनुसार 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच इस तरह कुल 1,49,384 रुपये महिला के वेतन से दूसरे खाते में स्थानांतरित कर गबन किया गया। विश्वविद्यालय की जांच समिति ने बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद का दुरुपयोग करते हुए अधीनस्थ कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके वेतन की राशि का अधिकांश हिस्सा अवैध रूप से दूसरे खाते में ट्रांसफर कराया।

विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद मोहन नगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 550/2026 दर्ज कर आरोपी से पूछताछ की। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित होने पर पुलिस ने कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप (51 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

पद का दुरुपयोग कर किया आर्थिक शोषण

पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने प्रशासनिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मातहत कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके बैंक खाते में जमा होने वाले वेतन का अधिकांश हिस्सा डिजिटल भुगतान माध्यमों से दूसरे खाते में स्थानांतरित कर अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया।

बैंक रिकॉर्ड बने अहम सबूत

मामले की जांच में बैंक खातों के दस्तावेज, PhonePe और Paytm के यूपीआई ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड तथा विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और शासकीय तथा गैर-शासकीय कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद या प्रभाव का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण, अवैध वसूली या वित्तीय अनियमितता करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी का नाम :

1. भूपेन्द्र कुमार कुलदीप, उम्र लगभग 51 वर्ष, पद – कुलसचिव, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, निवासी विश्वविद्यालय परिसर, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग (छ.ग.)।

जप्त सामग्री :

प्रकरण में उपलब्ध बैंक खाते के दस्तावेज, यूपीआई (PhonePe/Paytm) ट्रांजेक्शन विवरण एवं जांच संबंधी अभिलेख वैधानिक रूप से संकलित किए गए हैं।