सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड: मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत 3 को फांसी, चौथे दोषी को मरते दम तक उम्रकैद
सूरजपुर/ छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा दी है। वहीं, चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।मामले में 29 सितंबर को कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय अंबस्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर बताते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।
घर में घुसकर मां-बेटी की हत्या का आरोप
मामला अक्टूबर 2024 का है। पुलिस विभाग में पदस्थ एक हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और उसकी नाबालिग बेटी की घर में हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोनों पर धारदार हथियार से हमला किया गया था।वारदात के बाद दोनों के शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया गया था। अगले दिन दोनों के शव बरामद होने के बाद मामले का खुलासा हुआ।हेड कॉन्स्टेबल जब रात में ड्यूटी से वापस घर पहुंचा तो घर के भीतर खून के निशान मिले। पत्नी और बेटी वहां मौजूद नहीं थीं। घर की दीवारों और फर्श पर खून बिखरा हुआ था। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई और अगले दिन दोनों के शव घर से कुछ दूरी पर मिले।
भाई से विवाद के बाद बढ़ा था मामला
जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था। 9 अक्टूबर 2024 की रात शहनाज अख्तर के जगराता कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद के बाद पुलिस ने संदीप को थाने ले जाकर पूछताछ की थी।आरोप था कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई। इसी घटना को लेकर कुलदीप नाराज था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया था कि इसी विवाद के बाद उसने अपने भाई के साथ मारपीट करने वालों को निशाना बनाने की योजना बनाई।जिस पुलिसकर्मी की पत्नी और बेटी की हत्या हुई, उससे भी कुलदीप का पुराना विवाद होने की बात जांच में सामने आई थी।
पुलिसकर्मी पर गर्म तेल डालने का आरोप
वारदात से एक दिन पहले 13 अक्टूबर 2024 की शाम कुलदीप अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड में मौजूद था।इसी दौरान आरक्षक घनश्याम सोनवानी की नजर कुलदीप पर पड़ी। जिला बदर किए गए कुलदीप को पकड़ने की कोशिश के दौरान उस पर आरक्षक के ऊपर गर्म तेल डालने का आरोप लगा। इसके बाद वह तलवार से हमला करने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया।पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर उसे पकड़ने के लिए हेड कॉन्स्टेबल समेत पुलिसकर्मियों ने तलाश शुरू की। जांच के मुताबिक, इस दौरान कुलदीप पर पुलिसकर्मियों की ओर वाहन चढ़ाने की कोशिश करने का भी आरोप लगा।
कुछ घंटे बाद हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा था
पुलिस की जांच के अनुसार, पुलिसकर्मियों से बचकर निकलने के बाद कुलदीप हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां उसने पहले उसकी पत्नी पर हमला कर हत्या कर दी और इसके बाद नाबालिग बेटी को भी धारदार हथियार से निशाना बनाया।
वारदात के बाद दोनों शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया गया था।
जांच में कुलदीप के साथ आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया। चारों के खिलाफ हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला चलाया गया।
पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का भी आरोप
हत्या की वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने का भी आरोप लगा था। इसके बाद वह झारखंड की ओर भाग गया था।
बाद में बलरामपुर पुलिस ने उसे बस से उतरते समय बस स्टैंड से गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी को लेकर सूरजपुर में भड़का था आक्रोश
मां-बेटी की हत्या की खबर सामने आने के बाद सूरजपुर में लोगों का आक्रोश बढ़ गया था। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन और विरोध की स्थिति बनी थी। इसी दौरान कुलदीप साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगाए जाने की घटना भी सामने आई थी।स्थिति को देखते हुए पुलिस बल ने इलाके में मार्च किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई गई।
29 सितंबर को दोषी ठहराए गए, अब सजा का ऐलान
न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। 29 सितंबर को कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा पर बहस हुई।पीड़ित पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी। अब कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी और आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई है।दोषी ठहराए जाने के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के कथित व्यवहार का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह पत्रकारों की ओर इशारा करता नजर आया था।