जम्मू के बाल सुधार केंद्र से फरार हुए पाकिस्तानी नाबालिगों पर क्या हैं आरोप? 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

जम्मू के बाल सुधार केंद्र से फरार हुए पाकिस्तानी नाबालिगों पर क्या हैं आरोप? 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

जम्मू के आरएस पुरा स्थित बाल सुधार केंद्र से फरार हुए दो पाकिस्तानी कैदियों समेत कुल तीन आरोपियों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. बताया जा रहा है कि नाबालिगों ने भागने के दौरान फायरिंग भी की, जिसमें दो पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए डीजीपी ने यहां तैनात छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

फरार आरोपियों की धर-पकड़ के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. खास तौर पर सांबा और कठुआ के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों में शामिल एक का संबंध खौफ गैंग से बताया जा रहा है, जिसका नेटवर्क सांबा क्षेत्र में सक्रिय माना जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए वहां तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बाल सुधार केंद्र के अंदर हथियार कैसे पहुंचे?

कौन-कौन से हैं तीनों फरार आरोपी?

पहला आरोपी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ननकाना साहिब का रहने वाला है. उसके खिलाफ साल 2019 में जम्मू के कनाचक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. यह मामला भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और बिना वैध दस्तावेज के रहने से जुड़ा हुआ था. इस केस में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और फिलहाल वह अपनी सजा काट रहा था.

2021 में दर्ज किया गया था केस

दूसरा आरोपी पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद जिले का निवासी है. उसके खिलाफ साल 2021 में राजौरी के चिंगुस इलाके में मामला दर्ज किया गया था. यह धारा दुश्मन एजेंट के तौर पर काम करने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने से संबंधित है. सुरक्षा एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे सजा सुनाई गई. वह भी इस समय जेल में बंद था.

तीसरा आरोपी जम्मू के आरएस पुरा का रहने वाला है. उसके खिलाफ साल 2024 में मीरां साहिब पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. आरोप है कि उसने फायरिंग की थी, जिसके बाद उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC), लापरवाही से जान को खतरे में डालने (धारा 336 IPC), और Arms Act की धारा 3, 25 और 27 के तहत केस दर्ज किया गया. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था.