रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले छुट्टी पर विवाद, अल्पसंख्यक विभाग ने बताया खबर भ्रामक
रायपुर/छत्तीसगढ़ में रमजान के दौरान मुस्लिम शासकीय कर्मचारियों को एक घंटा पहले ऑफिस छोड़ने के फैसले को लेकर पेंच फंस गया है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट किया। लेकिन शुक्रवार को अल्पसंख्यक विभाग ने लेटर जारी कर कहा ये खबर पूरी तरह से भ्रमक है।पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग ने शुक्रवार को एक लेटर जारी किया है। जिसमें उस खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक करार दिया है जिसके कहा गया कि मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटे पहले ऑफिस छोड़ने की अनुमति है। अल्पसंख्यक विभाग ने लेटर जारी कर स्पष्ट किया है कि रमज़ान के दौरान मुस्लिम शासकीय कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने संबंधी कोई नया आदेश या निर्देश जारी नहीं किया गया है।
खबरों को बताया आधारहीन
यह लेटर संयुक्त सचिव द्वारा जारी किया गया है। लेटर में साफ किया गया है कि मीडिया और सोशल मीडिया में प्रसारित हो रही खबरें आधारहीन हैं और विभाग की ओर से ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
जानिए क्या है मामला
छत्तीसगढ़ मुस्लिम वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने गुरुवार को एक लेटर जारी किया था। जिसमें कहा था कि रमजान के महीने में मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटे पहले ऑफिस छोड़ने का सरकार का फैसला सराहनीय है। सलीम राज के लेटर जारी होने के बाद शुक्रवार को अल्पसंख्य विभाग ने लेटर जारी किया। विभाग ने सलीम राज के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया।
क्या कहा सलीम राज ने
नवभारत टाइम्स डॉट कॉम से बात करते हुए छत्तीसगढ़ मुस्लिम वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा- “मैंने जो लेटर जारी किया है वह 2005 में लिए गए फैसले के संदर्भ में हैं। 2005 के इस फैसले में कोई बदलाव नहीं किया गया है जिस कारण से यह नियम लागू है। मौजूदा समय में राज्य में विष्णुदेव साय की सरकार है इसलिए उनका आभार प्रकट किया है।”
क्या था 2005 का फैसला
दरअसल, छत्तीसगढ़ में 2005 में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में कहा गया था कि हर साल रमजान के महीने पर मुस्लिम शासकीय कर्मचारियों को 1 घंटे पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति होगी। इस फैसले में तब से कोई बदलाव नहीं किया गया है।