नीतीश, नितिन नवीन और शरद पवार निर्विरोध राज्यसभा के लिए होंगे निर्वाचित, कई सीटों पर कड़ी टक्कर होने की संभावना

नीतीश, नितिन नवीन और शरद पवार निर्विरोध राज्यसभा के लिए होंगे निर्वाचित, कई सीटों पर कड़ी टक्कर होने की संभावना

नई दिल्ली/बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राकांपा-शप सुप्रीमो शरद पवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होंगे। नीतीश व नवीन संसद के ऊपरी सदन में पहली बार पहुंचेंगे जबकि अनुभवी राजनीतिज्ञ शरद फिर से राज्यसभा में लौटेंगे।

 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए नामांकन इन तीनों ने गुरुवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। ये नेता उन 40 उम्मीदवारों में शामिल रहे जिन्होंने 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए नामांकन के अंतिम दिन अपने पर्चे दाखिल किए।

नामांकन नौ मार्च तक वापस लिए जा सकते हैंनामांकनों की जांच शुक्रवार को होगी और नामांकन नौ मार्च तक वापस लिए जा सकते हैं। यदि आवश्यक हुआ तो मतदान 16 मार्च को होगा। तमिलनाडु, बंगाल और असम में विधानसभा चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है। भाजपा ऊपरी सदन में अपनी संख्या बढ़ाने के लिए तैयार है, जहां इस चुनाव के बाद उसके पास अधिकतम सीटें होंगी।

हरियाणा में दो में से एक सीट पर कड़ी टक्कर होने की संभावना है, वहां अतीत में भी क्रास-वोटिंग हुई है। हालांकि 90 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और एक सीट जीतने के लिए विपक्षी पार्टी को केवल 31 पहली पसंद के वोटों की आवश्यकता है।

सतीश नांदल ने निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया मगर वहां हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ 2019 विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सतीश नांदल ने निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया है। इससे भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध के बाद वह तीसरे प्रत्याशी बन गए हैं।

ओडिशा में भी एक सीट के लिए कड़ी टक्कर होगीओडिशा में भी एक सीट के लिए कड़ी टक्कर होगी, क्योंकि सत्तारूढ़ भाजपा के दो उम्मीदवार-प्रदेशाध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार, विपक्षी बीजद के संत्रुप्त मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलाजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होटा ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इसके अलावा दिलीप राय ने भाजपा के समर्थन से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जिससे क्रास-वोटिंग की संभावना बढ़ गई है।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के छह उम्मीदवार जिनमें केंद्रीय मंत्री अठावले, भाजपा नेता विनोद तावड़े भी शामिल हैं और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार शरद पवार का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। सत्ता में शामिल राकांपा से पूवी डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे पार्थ ने नामांकन दाखिल किया जबकि एकनाथ ¨शदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पार्टी प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को मैदान में उतारा है।

बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल और विपक्षी भाजपा ने पांच राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन दाखिल किए हैं। तृणमूल के चार उम्मीदवारों मंत्री बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, सुप्रीम कोर्ट की वकील मेनका गुरुस्वामी और अभिनेता कोएल मलिक ने नामांकन भरे। भाजपा ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राहुल सिन्हा को एकमात्र उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है।

असम में, सत्तारूढ़ राजग के तीन उम्मीदवारों भाजपा के जोगेन मोहन और तेराश गोवाला के साथ यूपीपीएल के प्रमोद बोरों ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं। तेलंगाना में कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक ¨सघवी और वेम नरेंदर रेड्डी ने अपने नामांकन दाखिल किए।

सिंघवी को तेलंगाना से कार्यकाल पूरा होने के बाद फिर से नामांकित किया गया है। तमिलनाडु में, अन्नाद्रमुक के मौजूदा सांसद एम थंबिदुराई और पीएमके नेता अंबुमानी रामदास ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। सत्तारूढ़ द्रमुक की ओर से तिरुचि शिवा और जे कांस्टेंटिन रविंद्रन ने भी अपने पर्च भरे।

इसके अलावा द्रमुक की सहयोगी कांग्रेस के उम्मीदवार एम क्रिस्टोफर तिलक और डीएमडीके के कोषाध्यक्ष एलके सुदीश ने भी अपने नामांकन पेश किए। छत्तीसगढ़ में भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की उम्मीदवार फूलो देवी नेताम ने पर्चे दाखिल किए।

हिमाचल प्रदेश से एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने अप्रत्याशित रूप से कांगड़ा के जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा को मैदान में उतारा। हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत पार्टी के कई दिग्गज ऊपरी सदन के लिए नामांकन की उम्मीद कर रहे थे।

सर्वाधिक सात सीटें महाराष्ट्र से, बिहार और बंगाल से पांच-पांच
महाराष्ट्र में सात, तमिलनाडु में छह, बिहार और बंगाल में पांच-पांच, ओडिशा में चार, असम में तीन और हरियाणा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में दो-दो सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी एक सीट खाली हो रही है। बिहार, ओडिशा और हरियाणा में एक-एक सीट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा हो रही है।

केंद्रीय मंत्री रामनाथ, आठवले फिर से ऊपरी सदन पहुंचेंगेइस बार के राज्यसभा चुनाव में जो लोग ऊपरी सदन में फिर से आने वाले हैं, उनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और रामदास आठवले के अलावा द्रमुक के पूर्व लोकसभा डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई और कांग्रेस के जाने-माने वकील अभिषेक मनुसिंघवी शामिल हैं।