दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार

भिलाई। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। थाना छावनी पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 45 सिम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, नगदी तथा लगभग 23 लाख रुपये मूल्य के सोने एवं डायमंड के आभूषण जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि छावनी क्षेत्र निवासी निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से विभिन्न राज्यों में रहकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन कर रहा है और वर्तमान में भी अपने नेटवर्क के माध्यम से अवैध गतिविधियों को संचालित कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने निशांत कुमार गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की जांच में ऑनलाइन सट्टा संचालन के प्रमाण मिले।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह "C-B Cricket Buzz Betting App" और "RubyBet" प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित करता है तथा पुलिस की नजरों से बचने के लिए महाराष्ट्र के नागपुर में किराए का मकान लेकर अपने सहयोगियों से वहां ऑनलाइन सट्टा संचालित करवाता था। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर थाना छावनी में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर स्थित ठिकाने पर दबिश दी। वहां ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए आठ अन्य आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट संचालन, आईडी प्रबंधन और तकनीकी कार्यों का जिम्मा संभालते थे। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये वेतन तथा अन्य सुविधाएं दी जाती थीं।
जांच में सामने आया कि गिरोह द्वारा प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन लेन-देन किया जाता था, जो प्रतिमाह करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंचता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि ऑनलाइन सट्टे से अर्जित रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से कई स्तरों पर ट्रांसफर कर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाया जाता था।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन बैंक खातों, एटीएम कार्डों और सिम कार्डों का उपयोग फर्जी एवं बेईमानीपूर्वक प्राप्त पहचान के आधार पर ऑनलाइन सट्टे की राशि के लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
विवेचना में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता ने ऑनलाइन सट्टे से अर्जित अवैध कमाई का उपयोग महंगे आभूषण खरीदने में किया था। पुलिस ने पावर हाउस भिलाई स्थित एक ज्वेलर्स के यहां गिरवी रखे गए लगभग 15 तोला सोने एवं डायमंड मिश्रित आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता तथा टेलीकॉम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क, बैंकिंग लेन-देन और अन्य राज्यों में सक्रिय सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता (29 वर्ष), निवासी गणेश चौक, कैप-02, थाना छावनी, भिलाई सहित अखिलेश यादव, पंकज यादव, आशीष जायसवाल, विशाल पटेल, शिवम चौहान, जयहिंद यादव, वेचन मुखिया एवं भागीरथ राम को गिरफ्तार किया गया है।
जब्त सामग्री
26 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड, 19 एक्सटेंशन बोर्ड, 19 पावर बैंक, 19 टीवी कनेक्टर, 2 चेकबुक, विभिन्न आधार कार्ड, हिसाब-किताब रजिस्टर, दस्तावेज, 1 लाख 54 हजार 620 रुपये नगद तथा लगभग 23 लाख रुपये मूल्य के सोने एवं डायमंड के आभूषण जब्त किए गए l