नशा माफिया पर किसका हाथ? राहुल शर्मा का गृहमंत्री से सीधा सवाल, बोले—‘कहां गया शांति का टापू?’

नशा माफिया पर किसका हाथ? राहुल शर्मा का गृहमंत्री से सीधा सवाल, बोले—‘कहां गया शांति का टापू?’

दुर्ग/ जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के महामंत्री राहुल शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़, जो कभी अपनी शांति, सौहार्द और भाईचारे के लिए पूरे देश में जाना जाता था, आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में अपराध, नशे और माफियाराज की बढ़ती घटनाओं से जूझ रहा है।राहुल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान कभी “शांति का टापू” के रूप में होती थी। यहां हरेली, तीजा, पोला, दशहरा, दीपावली सहित तमाम त्योहार लोग आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाते थे। महिलाएं और बेटियां रात के समय भी स्वयं को सुरक्षित महसूस करती थीं। लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि नशे का कारोबार अब युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। स्कूल और कॉलेजों के आसपास गांजा, ड्रग्स, स्मैक और अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस प्रशासन की सख्ती के बावजूद यदि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की पहुंच बनी हुई है, तो यह सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।राहुल शर्मा ने कहा कि नशे के कारण प्रदेश के हजारों युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। सरकार को केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय नशे के पूरे नेटवर्क, सप्लायर, तस्कर और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों तक पहुंचना होगा।उन्होंने कहा कि NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जाती रही है। व्यापारी, किसान, महिलाएं, युवा और आम नागरिक अपने आपको सुरक्षित महसूस करें, यह सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।राहुल शर्मा ने कहा कि आज त्योहारों के दौरान भी चोरी, मारपीट, गुंडागर्दी और नशे में उत्पात जैसी घटनाओं की खबरें सामने आती हैं। ऐसे में सरकार को केवल बयानबाजी करने के बजाय जमीन पर प्रभावी कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग सुनिश्चित करनी चाहिए।

गृहमंत्री से राहुल शर्मा के सीधे सवाल राहुल शर्मा ने प्रदेश के गृहमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि—

नशा माफिया को किसका संरक्षण प्राप्त है?
नशे के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की ठोस कार्ययोजना क्या है?
युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार ने अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए हैं?
उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर प्रदेश की जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
राहुल शर्मा ने सरकार से मांग की कि—

*नशा माफिया और उनके कथित संरक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
गंभीर मामलों में NSA/रासुका के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।*
*प्रदेश के हर जिले में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को प्रभावी रूप से सक्रिय किया जाए।*
*स्कूल और कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।*
*नशे के बड़े सप्लायरों और नेटवर्क को चिन्हित कर उनकी संपत्ति एवं आर्थिक स्रोतों की जांच की जाए।*
*त्योहारों के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।*
*महिलाओं, व्यापारियों, किसानों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए।*
*युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता, काउंसलिंग और पुनर्वास अभियान को मजबूत किया जाए।*
राहुल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अपराध और नशे से नहीं, बल्कि शांति, संस्कृति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव से होनी चाहिए। सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाकर प्रदेश को फिर से “शांति का टापू” बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी से सरकार भाग नहीं सकती।