कविता, साहित्य और सम्मान का उत्सव, 'आरंभ' समारोह में जुटे रचनाकार

कविता, साहित्य और सम्मान का उत्सव, 'आरंभ' समारोह में जुटे रचनाकार

भिलाई। प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था 'आरंभ' के तत्वावधान में विमोचन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र में लब्धप्रतिष्ठित बांग्ला कवि प्रकाश चंद्र मंडल की कृति 'एखोने अनेकटा पथ चोलते बाकी' और ख्याति प्राप्त कवि डॉ विजय कुमार गुप्ता 'मुन्ना' के सातवीं हिंदी कविता संग्रह 'सृजन पल का काव्य कुंड' का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष राकेश पांडेय एवं विशिष्ट अतिथि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ भूपेंद्र कुलदीप थे और इस सत्र की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ रत्न डॉ शिरोमणि माथुर ने की। 
दूसरे सत्र में काव्य पाठ एवं साहित्यिक संध्या की अध्यक्षता डॉ परदेशीराम वर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के डॉ आरपी अग्रवाल, सेवानिवृत्त उप वनमंडल अधिकारी अब्दुल वहीद खान और सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के मजिस्ट्रेट रजिस्ट्रार जनरल व कवि नीलम चंद सांखला थे। दोनों सत्रों में विशेष रूप से 'आरंभ' के मुख्य सलाहकार एवं संस्कृत आयोग के पूर्व सदस्य आचार्य डॉ महेश चंद्र शर्मा मंचासीन रहे। प्रारंभ में डॉ रजनी नेलसन लिखित सर्वधर्म प्रार्थना प्रस्तुत की गई। कृति 'अभी अनेकों सफर तय करना बाकी है' की समीक्षा सरला शर्मा और 'सृजन पल का काव्य कुंड' की समीक्षा डॉ अजय आर्य ने की। स्वागत उद्बोधन 'आरंभ' के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य और आयोजकीय वक्तव्य 'आरंभ' के मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा ने दिया।
प्रथम सत्र का संचालन 'आरंभ' की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रजनी नेलसन और द्वितीय सत्र का संचालन 'आरंभ' की महासचिव नुरू सबाह खान 'सबा' एवं संयुक्त संचालिका 'आरंभ' की उपाध्यक्ष दीप्ति श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में डॉ भावना दिवाकर, डॉ दीक्षा चौबे और शेफाली भट्टाचार्य विशेष रूप से सहयोगी रहीं। मंच पर कृतिकार की धर्मपत्नी सुमिता मंडल और शशिप्रभा गुप्ता को भी बैठाया गया। दोनों कवियों को 'आरंभ' साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र का वाचन प्रदीप भट्टाचार्य और रत्ना नारमदेव ने किया। प्रथम सत्र का आभार प्रदर्शन 'आरंभ' महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष अनिता करडेकर और दूसरे सत्र का आभार व्यक्त 'आरंभ' के वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रयम्बक राव साटकर 'अंबर' ने दिया। अंत में उर्दू शायरी के मशहूर स्तम्भ शायर डॉ बशीर बद्र को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 
इस अवसर पर आलोक कुमार चंदा, ब्रजेश मल्लिक, पल्लव चटर्जी, ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल, कमलेश चंद्राकर, मंजू कैलाश जैन बरमेचा, शुभेंदु बागची, बानी चक्रवर्ती, स्मृति दत्त, जाविद हसन 'भाईजान', शौकत इकबाल, डॉ इकबाल खान 'तन्हा', सुशील यादव, नितिन गोस्वामी, डॉ नौशाद अहमद सिद्दीकी 'सब्र', विपुल कुमार सेन, जीवन चंद्र हालदार, घनश्याम कुमार देवांगन, डॉ संध्या श्रीवास्तव, वर्षा ठाकुर, गजेंद्र द्विवेदी 'गिरीश', शुचि 'भवि', माला सिंह, डॉ संतोष राय, मिताली श्रीवास्तव वर्मा, श्रीनिवास राव, पुलक सेनगुप्ता, सुदीप विश्वास, परितोष बनिक, मीता बनिक, गोविंद बर्मन, अनुभव कुमार मंडल, हेमंत जगम, अविनाश पाटिल, विजयश्री पाटिल, नंद कुमार गुप्ता, प्रमोद कुचया, मोहनलाल गुप्ता, ओमप्रकाश गुप्ता, सुरेंद्र खरया, जेसी रजनीश जायसवाल, जेसी नितेश केडिया, जेसी अंकुर सिंघई, सूर्यकांत गुप्ता, नवेद रजा दुर्गवी, शायर डॉ रौनक जमाल, चंद्रशेखर पांडे, सुधीर पाटणकर, प्रतीक पाटनी, सरिता चंद्रा, प्रमेंद्र चंद्रा, तुलसी सोनी, जाहिद खान, ईश्वर सिंह राजपूत, दिनेश जैन, गुलाब चौहान, डॉ। मानसी गुलाटी, संगीता मिश्रा, दिलीप बरमेचा, श्रेयांश बरमेचा, शत्रुंजय तिवारी, रत्ना नारमदेव, आशुतोष माथुर, निरुपमा माथुर, रश्मि अग्रवाल, आकांक्षा मिश्रा, अनिता तिवारी, नवेद रजा, एसपी गुप्ता, राजकुमार भल्ला 'आर्य', जलज ताम्रकर, राकेश गुप्ता 'रुसिया', राहुल साहू, रोहितास सिंह भुवाल, प्रिंस चंद्रा, सरिता चंद्रा, संध्या साटकर जीएस बर्मा और गीता रानी वर्मा सहित अनेक लोग शामिल थे। यह जानकारी 'आरंभ' के प्रवक्ता जाविद हसन 'भाईजान' ने दी।