वडोदरा फायरिंग केस का भिलाई कनेक्शन, दो आरोपी गिरफ्तार

वडोदरा फायरिंग केस का भिलाई कनेक्शन, दो आरोपी गिरफ्तार

भिलाई/ गुजरात के वडोदरा में गार्मेंट कारोबारी पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। घटना को अंजाम देकर फरार हुए दोनों आरोपियों को गुजरात पुलिस ने दुर्ग पुलिस के सहयोग से भिलाई से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिसाली निवासी गुरजीत सिंह और आनंदपुरम, भिलाई निवासी विक्रम प्रताप सिंह के रूप में हुई है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गुजरात पुलिस वडोदरा रवाना हो गई है।
पुलिस के अनुसार 26 जून की रात वडोदरा के गार्मेंट कारोबारी आशीष बकोलिया पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। हमले में गोली कारोबारी के हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार होकर भिलाई लौट आए थे।
 सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रम प्रताप सिंह का कारोबारी आशीष बकोलिया से फिजी में पुराना परिचय था। दोनों वहां एक साथ काम करते थे, जहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद का बदला लेने के उद्देश्य से भारत लौटने के बाद विक्रम ने अपने साथी गुरजीत सिंह के साथ मिलकर कारोबारी पर हमला करने की साजिश रची।
बताया गया कि करीब पांच महीने पहले विक्रम भारत लौटा था। इसके बाद उसने गुरजीत सिंह से संपर्क किया। दोनों की दोस्ती गुरजीत के भाई ने कराई थी। करीब दो महीने पहले दोनों भिलाई में मिले और कारोबारी पर हमला करने की योजना बनाई। योजना के तहत बिहार से एक देसी पिस्टल खरीदी गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से पहले दोनों आरोपी चार बार वडोदरा गए। इस दौरान वे अलग-अलग होटलों में ठहरे और कारोबारी की गतिविधियों की रेकी की। पूरी योजना तैयार होने के बाद 26 जून की रात दोनों ने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक घटना की रात कारोबारी आशीष बकोलिया अपनी कार से घर लौट रहा था। तभी दोनों आरोपी बाइक से उसका पीछा करते हुए वाघोडिया चौकड़ी तक पहुंचे। एक आरोपी बाइक चला रहा था, जबकि पीछे बैठे आरोपी ने कारोबारी पर फायरिंग कर दी। घटना के दौरान एक आरोपी ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि दूसरे ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था। गोली लगने के बाद कारोबारी घायल हो गया और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद गुजरात पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान करीब डेढ़ महीने पुराना एक महत्वपूर्ण फुटेज मिला। साथ ही एक होटल से आरोपियों का आधार कार्ड भी बरामद हुआ। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश करते हुए दुर्ग पहुंची।
बताया गया कि जब दोनों आरोपी भिलाई में एक-दूसरे से मिलने के लिए बाजार में घूम रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर लिया। दुर्ग पुलिस की टीम ने पहले गुरजीत सिंह की पहचान की और संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे सुपेला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गुरजीत ने वारदात में विक्रम प्रताप सिंह के शामिल होने की जानकारी दी, जिसके बाद विक्रम को जेपी चौक के पास से गिरफ्तार किया गया।
दुर्ग पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में विक्रम ने बताया कि फिजी में कारोबारी के साथ हुए पुराने विवाद के कारण उसने बदला लेने की योजना बनाई थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
जानकारी के अनुसार घायल कारोबारी आशीष बकोलिया के खिलाफ फिजी में धोखाधड़ी का एक मामला भी दर्ज है। इसके बाद वह भारत लौट आया था। मूल रूप से दिल्ली निवासी आशीष वर्तमान में गुजरात के वडोदरा में गार्मेंट व्यवसाय संचालित कर रहा था और अपने परिवार के साथ प्राइम सिटी सोसायटी में रह रहा था।
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गुजरात से करीब 15 सदस्यीय पुलिस टीम भिलाई पहुंची थी। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और होटल से मिले दस्तावेजों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गुरुवार शाम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुजरात पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ वडोदरा लेकर रवाना हो गई। मामले में आगे की पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे षड्यंत्र के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।