1 करोड़ के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा गिरफ्तार, सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी
रांची/धनबाद: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। एक करोड़ रुपये का इनामी और कुख्यात माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा को मंगलवार शाम धनबाद और गिरिडीह की सीमा से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ दो सक्रिय माओवादी सदस्य मोछू और सौरभ उर्फ गौरव भी पकड़े गए हैं। इसके अलावा दो स्थानीय ग्रामीणों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर हत्या, पुलिस बल पर हमले, रंगदारी वसूली और आईईडी विस्फोट जैसे कई गंभीर मामलों में दर्जनों केस दर्ज हैं।गिरिडीह जिले के हरलाडीह निवासी मिसिर बेसरा का प्रभाव झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ था। संगठन में वह रणनीति बनाने और विभिन्न राज्यों में माओवादी नेटवर्क संचालित करने की अहम जिम्मेदारी निभाता था। कोल्हान, सारंडा और पारसनाथ जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उसकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।पिछले कुछ महीनों में उसके कई करीबी सहयोगियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि कई अन्य सुरक्षा बलों की कार्रवाई में गिरफ्तार हो चुके थे। इससे संगठन का नेटवर्क काफी कमजोर हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर मिसिर बेसरा को दबोच लिया।मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही 16 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। ऐसे में एक ही दिन में माओवादी संगठन को दो बड़े झटके लगे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से पूर्वी भारत में नक्सली नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचेगा।