सत्यापन अभियान का असर: महतारी वंदन योजना से 1.55 लाख से अधिक नाम हटाए गए
रायपुर/ छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना में बड़े स्तर पर किए गए सत्यापन अभियान के बाद अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के अनुसार यह कार्रवाई पात्रता की दोबारा जांच, हितग्राहियों की मृत्यु, दूसरे राज्यों में स्थानांतरण, आयु संबंधी बदलाव तथा दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान की गई है।सूत्रों के मुताबिक सबसे अधिक 12,043 महिलाओं के नाम रायपुर जिले में हटाए गए, जबकि बीजापुर एकमात्र ऐसा जिला रहा जहां नए पात्र आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2024 में योजना उस समय चर्चा में आई थी जब बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी के नाम से फर्जी आवेदन कर योजना की राशि जारी होने का मामला सामने आया था। जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आवेदन कर लाभ लेने का खुलासा होने के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में सत्यापन अभियान तेज कर दिया। बाद में सनी लियोनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान खैरागढ़ जिले के मुढ़ीपार निवासी एवं सीएससी संचालक तिलोक साहू का नाम भी सूची से हटाकर उससे राशि की रिकवरी की गई। इसी तरह पेंड्रा निवासी कलम सिंह कंवर को भी सत्यापन में अपात्र पाए जाने पर योजना से बाहर कर दिया गया। वहीं बस्तर जिले के तालुर गांव में सनी लियोनी के नाम से किए गए फर्जी आवेदन की जांच में योजना की राशि वीरेंद्र कुमार जोशी के खाते में ट्रांसफर होना सामने आया। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए लगातार सत्यापन किया जा रहा है। जिन महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर आवेदन किया, जो पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करतीं या जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली है, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं के नाम गलती से हट गए हैं या जो पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन या दावा प्रस्तुत कर सकती हैं। सरकार का दावा है कि लगातार हो रहे सत्यापन से महतारी वंदन योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद एवं पात्र महिलाओं तक ही पहुंचेगा।