दीपावली से पहले महंगाई की मार से बिगड़ा आम आदमी का बजट, चावल-दाल, तेल और शक्कर के बढ़ते दामों पर देवकुमार जंघेल ने सरकार को घेरा, बोले- राहत नहीं मिली तो कांग्रेस करेगी जन आंदोलन

दीपावली से पहले महंगाई की मार से बिगड़ा आम आदमी का बजट, चावल-दाल, तेल और शक्कर के बढ़ते दामों पर देवकुमार जंघेल ने सरकार को घेरा, बोले- राहत नहीं मिली तो कांग्रेस करेगी जन आंदोलन

दुर्ग। दीपावली पर्व से पहले खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों और मिलावटखोरी को लेकर दुर्ग नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष देवकुमार जंघेल ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चावल, दाल, आटा, तेल और शक्कर सहित दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम आदमी का घरेलू बजट बिगड़ गया है। महंगाई के कारण प्रत्येक परिवार को खाने-पीने की वस्तुओं पर हर महीने एक से डेढ़ हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण करने और खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
एक विज्ञप्ति में देवकुमार जंघेल ने कहा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में चावल के दाम में ही प्रति किलो 30 रुपये तक की वृद्धि हो गई है। वहीं, आम लोगों के भोजन में सबसे अधिक उपयोग होने वाली अरहर दाल की कीमत 50 रुपये प्रति किलो तक बढ़ने का आरोप है। मसूर, मूंग और चना दाल के भाव भी बढ़ने से आम परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। शक्कर के दाम 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से मिठास का त्योहार भी महंगाई की मार से अछूता नहीं रहा है। इसके अलावा मूंगफली और सरसों तेल की कीमतों में भी बेतहाशा वृद्धि होने से रसोई का खर्च बढ़ गया है।
जंघेल ने आरोप लगाया कि एक ओर आम जनता महंगाई से परेशान है, वहीं दूसरी ओर खाद्य पदार्थों में मिलावट का कारोबार खुलेआम चल रहा है। आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा है और न ही मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता के कारण आम लोगों को महंगाई और मिलावट, दोनों की मार झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मिलावटखोरों पर प्रभावी शिकंजा कसा जाए।
देवकुमार जंघेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने खाद्य पदार्थों के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने और मिलावट रोकने के लिए जल्द कारगर कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।