पट्टा पाने की पात्रता रखने वालों के लिए मौका, रिसाली निगम में 10 नवंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति
दुर्ग / छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के अंतर्गत सर्वे की कार्यवाही के संबंध में राज्य शासन से निर्देश मिलने के बाद जिले के सभी नगरीय निकायों में सर्वे की कार्यवाही की जा रही है। इसी अनुक्रम में नगर पालिक निगम रिसाली में भी सर्वे कार्य कराया गया है। प्राधिकृत अधिकारी प्रफुल्ल कुमार गुप्ता ने बताया कि सर्वे हेतु पात्र एवं अपात्र की सूची नगर पालिक निगम रिसाली के सूचना फ़लक में अवलोकन हेतु उपलब्ध है। दावा आपत्ति प्रस्तुत किए जाने की अंतिम तिथि 10 नवम्बर तक है। दिनांक 10 नवंबर तक दावा आपत्ति नगर निगम रिसाली में स्वयं या अपने प्राधिकृत व्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते है उसके बाद प्राप्त आपत्तियों दावा पर विचार नहीं किया जायेगा।पट्टा के लिए पात्र व्यक्ति कौन होंगे इसके लिए प्राधिकृत अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम 2023 के अनुसार ऐसे व्यक्ति जो छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की पात्रता रखता हो, जो आवासहीन हो, जो संबंधित नगरीय निकाय की मतदाता सूची में दर्ज हो, जिसके कुटुंब की वार्षिक आय 3.00 लाख से अधिक न हो, जिसके कुटुंब में कोई व्यक्ति केंद्र सरकार, राज्य सरकार या इनके उपक्रम की शासकीय सेवा में ( चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) नहीं हो,और न ही अधिवक्ता, इंजीनियर, डॉक्टर, चार्टड अकाउंटेंट जैसा व्यावसायिक सेवा में हो,और न ही निर्वाचित जनप्रतिनिधि हो तथा जिसे या जिसके कुटुंब के किसी सदस्य को पूर्व में उसी नगरीय निकाय में कोई शासकीय भूमि आबंटित नहीं की गई हो, पात्र होंगे। यहाँ पर कुटुंब के अंतर्गत माता पिता, पति पत्नी,पुत्र, अविवाहित पुत्री एवं रक्त आधारित कोई नातेदार,जो आवासहीन व्यक्ति पर पूर्णतः आश्रित हो, शामिल होंगे।
*पट्टा के लिए पात्रता :-*
ऐसे व्यक्ति जो अधिनियम के अंतर्गत पात्रता रखते हो, नगर पालिक निगम क्षेत्र में 600 वर्गफीट एवं अन्य नगरीय निकायों में 800 वर्गफीट भूमि से अनधिक शासकीय भूमि, जिस पर दिनांक 20 अगस्त 2017 से लगातार हों, विकास योजना में निर्धारित भू उपयोग से निरपेक्ष रहते हुआ, पत्ते के लिए पात्र समझे जाएंगे।
लेकिन निर्धारित सीमा से अधिक भूमि होने पर,अतिरिक्त भूमि का कब्जा छोड़े या हटाये जाने पश्चात ही कब्जाधारी को पत्ते की पात्रता होगी अन्यथा वह अपात्र माना जाएगा।दिनांक 20 अगस्त 2017 के पूर्व भूमि के कब्जे के संबंध में सत्यापन के लिए भारत निर्वाचन आयोग/राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची, विद्युत देयक/विद्युत संयोजन का दस्तावेज, टेलीफोन बिल, स्थानीय नगरीय निकाय की संपत्तिकर/समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान दस्तावेज, भवन अनुज्ञा/दुकान अनुज्ञा, अधिनियम के अधीन प्रदत्त पट्टा और आधार कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस दस्तावेज होंगे।