दुर्ग के सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर में दादी राणी सती के मंगलपाठ पर झूमीं महिलाएं, अष्टमी को लगेगा 56 भोग
नौ दिनों तक प्रतिदिन कन्या पूजन एवं भोज का आयोजन, 200 से अधिक कन्याओं को कराया जा रहा भोजन
दुर्ग। क्वांर नवरात्र पर्व के अवसर पर दुर्ग के गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर में नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। मंदिर में प्रतिदिन सुबह 9 बजे माता जी का अभिषेक तथा दोपहर 12 बजे कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन हो रहा है। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 200 से अधिक कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया जा रहा है। वहीं, सप्तमी तिथि पर दादी राणी सती जी के मंगलपाठ महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और भक्ति गीतों पर झूम उठीं।
मंदिर में नवरात्र के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग धर्मप्रेमी परिवार सहित पहुंचकर माता जी का अभिषेक कर रहे हैं। इसके बाद कन्या पूजन और भोज का आयोजन किया जाता है। कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिर में चल रहे इन धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की भागीदारी बनी हुई है।
दादी राणी सती के मंगलपाठ में भजनों पर झूमीं महिलाएं
17 अक्टूबर को आयोजित दादी राणी सती जी के मंगलपाठ महोत्सव में परशुराम महिला मंडल, दुर्ग की महिलाओं ने अमृतवाणी के माध्यम से श्रद्धालुओं को कथामृत का रसपान कराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं चुनरी वाली साड़ी पहनकर मंदिर पहुंचीं और मंगलपाठ में शामिल हुईं। ‘दादी आई है’, ‘मेरी मैया मेरे घर आई रे’, ‘आज है दादी अमावस्या’, ‘श्री राणी सती दादी की जय’ और ‘दे दे थोड़ा प्यार दादी’ जैसे भक्ति गीतों पर महिलाएं देर रात तक झूमती रहीं।
कार्यक्रम की आयोजिका एवं महिला सदस्य मोना दिनेश शर्मा और वीणा सुधीर राठी ने बताया कि मंगलपाठ के दौरान दादी जी के जन्म प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने चॉकलेट, खिलौने, मिठाइयां और लड्डू सहित विभिन्न वस्तुओं का वितरण किया। शिक्षा की रस्म के दौरान उपस्थित छोटे बच्चों को कॉपी-पेन भेंट किए गए। वहीं, विवाह प्रसंग में आयोजन समिति की महिलाओं ने मेहंदी और हल्दी की रस्म निभाई तथा दादी जी के जीवन प्रसंगों का मंचन किया।
जन्मोत्सव से विवाह प्रसंग तक दिखी भक्ति और उत्साह की झलक
मंगलपाठ महोत्सव में अखंड ज्योत, जन्मोत्सव, बधाई उत्सव, मुकलावा उत्सव और महाप्रसादी आकर्षण का केंद्र रहे। दादी जी की स्कूली शिक्षा के प्रसंग पर बच्चों के स्कूल बैग के साथ झांकी सजाई गई। इस दौरान ‘दादी चली स्कूल पढ़ने को’ गीत प्रस्तुत किया गया। विवाह प्रसंग में मेहंदी और हल्दी की रस्म के दौरान महिलाओं ने भक्ति गीतों पर उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
दादी जी के मंगल विवाह प्रसंग में उपस्थित महिलाओं को चुनरी भेंट की गई। चुनरी ओढ़कर महिलाओं ने विवाह उत्सव में भाग लिया और बारात के प्रसंग पर नृत्य किया। कार्यक्रम में खाटू श्याम बाबा और बालाजी महाराज के भजनों की भी सुमधुर प्रस्तुति हुई। जन्मोत्सव के दौरान बधाइयां लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और कन्याएं उमड़ीं। आकर्षक झांकियों और भक्ति गीतों ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
अष्टमी पर माता जी को लगेगा 56 भोग
श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर में 19 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर दोपहर 12 बजे माता जी को 56 भोग अर्पित किया जाएगा। शाम 7 बजे महाआरती होगी। इस अवसर पर 56 भोग की आकर्षक सजावट की जाएगी तथा पूरे मंदिर परिसर को विभिन्न प्रकार के फलों से सजाया जाएगा। मंदिर में नवरात्र पर्व के तहत आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।