‘रेड्डी अन्ना 108’ ऑनलाइन सट्टा एप के जरिए चला रहे थे अवैध कारोबार, खुर्सीपार में पुलिस की रेड; चार आरोपी गिरफ्तार, 17 मोबाइल, 15 एटीएम कार्ड और 90 हजार रुपए जब्त
भिलाई/ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खुर्सीपार पुलिस ने ‘रेड्डी अन्ना 108’ ऑनलाइन सट्टा एप्लीकेशन के माध्यम से अवैध सट्टा संचालित करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सट्टा संचालन में इस्तेमाल किए जा रहे दो लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड और 90 हजार रुपए नगद सहित अन्य सामग्री जब्त की है।
पुलिस के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गुरुदयाल सिंह के यार्ड में टाटा सर्विस सेंटर के पास एक कमरे में ऑनलाइन सट्टा संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद खुर्सीपार पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और रेड कार्रवाई करते हुए चार लोगों को पकड़ा।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ‘रेड्डी अन्ना 108’ नामक ऑनलाइन सट्टा एप्लीकेशन और पैनल के माध्यम से सट्टा गतिविधियां संचालित कर रहे थे। इसके लिए विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खातों और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल सट्टे की रकम के लेन-देन में किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, संबंधित खाताधारकों को इसके बदले कमीशन अथवा निर्धारित राशि दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड और 90 हजार रुपए नगद सहित ऑनलाइन सट्टा एप्लीकेशन एवं पैनल से संबंधित डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री जब्त की है।
ये चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अमित तिवारी (21 वर्ष), निवासी सेक्टर-11, जोन-02 खुर्सीपार; विकास कुमार साहू (24 वर्ष), निवासी मछली मार्केट, जोन-02 खुर्सीपार; शुभम कुमार पाल (21 वर्ष), निवासी सेक्टर-11, जोन-02 खुर्सीपार और यशमीत सिंह (19 वर्ष), निवासी जोन-03, मस्जिद के पास खुर्सीपार को गिरफ्तार किया है।
बैंक खातों और नेटवर्क की जांच जारी
थाना खुर्सीपार में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 510/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6, 7, 8 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आर्थिक लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड अथवा ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। ऑनलाइन सट्टा और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।