सुशासन की सरकार में हर वर्ग तक पहुंच रहा विकास का लाभ : ललित चंद्राकर

सुशासन की सरकार में हर वर्ग तक पहुंच रहा विकास का लाभ : ललित चंद्राकर

दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं राज्योत्सव के अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, विकास और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गरीब, किसान, युवा, महिला एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
विधायक चंद्राकर ने कहा कि दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, भवन, नाली, पुल-पुलिया, पेयजल और विद्युत व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दुर्ग ग्रामीण को बेहतर सड़कें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना उनका संकल्प है, ताकि आम नागरिकों का जीवन सुविधाजनक बन सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
किसानों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण को मिली मजबूती
विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण एवं अंत्योदय की भावना के अनुरूप विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश के 25 लाख से अधिक धान उत्पादक किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना से किसानों को आर्थिक संबल मिलने के साथ कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं 22 लाख से अधिक गरीब परिवारों का पक्के आवास का सपना साकार हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत 41 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। लगभग 40 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन मिले हैं तथा करीब ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनके स्वावलंबन और आत्मसम्मान को मजबूती मिल रही है।