सरकारी जमीन पर वर्षों से काबिज परिवारों को पट्टे की तैयारी, दुर्ग जिले में सर्वे शुरू

सरकारी जमीन पर वर्षों से काबिज परिवारों को पट्टे की तैयारी, दुर्ग जिले में सर्वे शुरू

दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में वर्षों से शासकीय भूमि पर निवास कर रहे आवासहीन परिवारों को पट्टाधृति अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के तहत जिले के सभी नगरीय निकायों में सर्वे कराया जा रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इस कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने नगर निगम आयुक्तों, सीएमओ और नियुक्त प्राधिकृत अधिकारियों से सर्वे कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

10 नवंबर तक दावा-आपत्ति, 11 को अंतिम सूची

प्रशासन ने सर्वे और पट्टा वितरण की प्रक्रिया के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम निर्धारित किया है। इसके तहत 3 से 6 नवंबर तक सर्वेक्षित परिवारों से आवश्यक दस्तावेज लेकर पात्र और अपात्र हितग्राहियों की वार्डवार सूची तैयार की जाएगी। 7 से 10 नवंबर तक इस सूची का संबंधित वार्डों में प्रकाशन कर दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। 11 नवंबर को प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर पात्र हितग्राहियों की अंतिम सूची तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी।

किन परिवारों को मिलेगा पट्टा?

नियमों के अनुसार पट्टे के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी होने की पात्रता रखना और संबंधित नगरीय निकाय की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना अनिवार्य है। आवेदक आवासहीन होना चाहिए तथा उसके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा परिवार का कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार अथवा उनके उपक्रमों में चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर शासकीय सेवा में नहीं होना चाहिए। परिवार में अधिवक्ता, इंजीनियर, डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर या निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी नहीं होने चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य को उसी नगरीय निकाय में पहले शासकीय भूमि आवंटित नहीं हुई हो।

निगम क्षेत्र में 600 और अन्य निकायों में 800 वर्गफीट की सीमा

पट्टे के लिए नगर निगम क्षेत्र में अधिकतम 600 वर्गफीट तथा अन्य नगरीय निकायों में अधिकतम 800 वर्गफीट शासकीय भूमि की सीमा निर्धारित की गई है। संबंधित भूमि पर 20 अगस्त 2017 से लगातार कब्जा होना आवश्यक है।

यदि किसी व्यक्ति का कब्जा निर्धारित सीमा से अधिक भूमि पर है तो अतिरिक्त भूमि का कब्जा छोड़ने या हटाने के बाद ही उसे पट्टे की पात्रता मिलेगी। ऐसा नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति अपात्र माना जाएगा।

पुराने कब्जे के प्रमाण के लिए ये दस्तावेज मान्य

20 अगस्त 2017 से पहले भूमि पर कब्जे के सत्यापन के लिए प्रशासन ने कई दस्तावेजों को आधार बनाया है। इनमें भारत निर्वाचन आयोग या राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची, बिजली बिल अथवा विद्युत कनेक्शन का दस्तावेज, टेलीफोन बिल, संपत्तिकर या समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान की रसीद, भवन अनुज्ञा, दुकान अनुज्ञा, पूर्व में जारी पट्टाधृति पट्टे तथा आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं।

इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

कलेक्टर ने जिले के विभिन्न नगरीय निकायों के लिए प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति की है।

नगर निगम दुर्ग और भिलाई निगम के जोन 3, 4 एवं 5 के लिए एसडीएम दुर्ग सोनल डेविड।

भिलाई निगम के जोन 1 एवं 2 के लिए संयुक्त कलेक्टर उत्तम सिंह पंचारी।

भिलाई-चरोदा निगम और नगर पालिका कुम्हारी के लिए एसडीएम प्रकाश सोनी।

रिसाली निगम और नगर पंचायत उतई के लिए एसडीएम प्रफुल्ल कुमार गुप्ता।

नगर पंचायत धमधा के लिए एसडीएम अंजली खालको।

नगर पालिका अमलेश्वर और नगर पंचायत पाटन के लिए एसडीएम नीर निधि नांदेहा।

नगर पालिका जामुल और अहिवारा के लिए संयुक्त कलेक्टर राहुल रजक।

प्राधिकृत अधिकारियों के साथ संबंधित नगरीय निकायों के आयुक्त, सीएमओ तथा क्षेत्र के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को जांच अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बैठक में अपर कलेक्टर खेमलाल वर्मा, नगर निगम आयुक्त लीना कोसम, सुरुचि सिंह, मोनिका वर्मा सहित विभिन्न निकायों के अधिकारी और सीएमओ उपस्थित रहे।